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Kurukshetra News: चरम पर पहुंचने लगी सरसों की आवक, खरीद भी जोरों पर

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कुरुक्षेत्र। थानेसर नई अनाजमंडी में आई सरसों को सुखाते मजदूर। संवाद - फोटो : kathua
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कुरुक्षेत्र। सरसों का सीजन चरम पर पहुंचने लगा है, जिसके चलते अनाजंडियों में आवक तेज हो गई है। वहीं पिछले तीन दिन से खरीद व्यवस्था में भी सुधार हुआ है, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिली है। माना जा रहा है कि गेहूं खरीद शुरू होने से पहले ही सरसों खरीद का अधिकर कार्य पूरा कर लिया जाएगा। मौसम खुलने से किसानों ने भी सरसों की कटाई तेज कर दी है।
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सरसों खरीद के लिए प्रशासन की ओर से इस बार लाडवा व इस्माईलाबाद के साथ शाहाबाद अनाजमंडी को भी केंद्र बनाया गया है। मार्च माह शुरू होेते ही अनाजमंडियों में सरसों की आवक शुरू हो गई थी लेकिन प्रदेश सरकार की ओर से खरीद 15 मार्च से शुरू की गई है।
हालांकि जिले की लाडवा मंडी में ही इस दिन खरीद शुरू हो पाई, जहां हैफेड को खरीद कार्य सौंपा गया है। वहीं इस्माईलाबाद व शाहाबाद में खरीद करीब छह दिन बाद शुरू हो पाई है है। यहां पहले हैफेड को खरीद का जिम्मा सौंपा था लेकिन बाद में यहां खरीद का कार्य वेयर हाउस कार्पोरेशन को सौंप दिया गया।
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अब पिछले तीन दिनों से खरीद कार्य सुचारू हुआ तो यहां के किसानों को भी बड़ी राहत मिल पाई है। इससे पहले किसान औने-पौने दाम पर फसल बेचने को मजबूर हो रहे थे। उधर थानेसर अनाजमंडी में भी सरसों की आवक लगातार हो रही है, जहां केवल निजी तौर पर ही खरीद की जा रही है।
शाहाबाद व इस्माईलाबाद अनाजमंडियों में अब तक करीब पांच हजार क्विंटल सरसों की खरीद
इस्माईलाबाद/शाहाबाद। कस्बा इस्माईलाबाद और शाहाबाद की अनाजमंडियों में अब तक पांच हजार किंवटल सरसों की खरीद सरकारी व निजी तौर पर की जा चुकी है। आवक बढ़ने के साथ साथ खरीद के कार्य ने भी रफ्तार पकड़ ली है। सोमवार को ही इस्माईलाबाद में एक हजार और शाहाबाद में 600 किंवटल सरसों की खरीद की गई।
अब तक वेयर हाऊस खरीद एजेंसी ने मंडी से करीब 2500 क्विंटल सरसों की खरीद कर ली है। वहीं अब तक करीब 3500 क्विंटल सरसों प्राइवेट बिक चुका है। उन्होंने कहा कि नमी युक्त सरसों की खरीद को लेकर जहां एजेंसी को परेशानी होती है वहीं किसानों को भी इससे काफी नुकसान होता है। जल्दबाजी के चक्कर में नमी युक्त फसल मंडी में न लेकर आए। सरकारी मापदंडों के अनुसार पाए जाने वाले सरसों का एक एक दाना सरकारी समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा।
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