कुरुक्षेत्र। खेड़ी मारकंडा से प्रतापगढ़ जाने वाली सड़क की दुर्दशा पिछले तीन महीनों से स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत का सबब बनी हुई है। सीवरेज लाइन की पाइपें डालने के लिए खोदी गई इस सड़क का पुनर्निर्माण करना संबंधित विभाग भूल गया है जिससे न केवल आवागमन में भारी परेशानी हो रही है बल्कि हर दिन हादसों का खतरा भी बढ़ रहा है।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि सड़क की खस्ता हालत के कारण हल्की बारिश में भी घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है। सड़क पर गहरे गड्ढे बन गए हैं जिनमें वाहन अक्सर फंस जाते हैं। स्कूली बच्चों को इस मार्ग से गुजरने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है जिससे उनके कपड़े खराब हो रहे हैं। सीवरेज और बरसाती पानी की निकासी न होने से सड़क की स्थिति और भी बदतर हो गई है। यह सड़क खेड़ी मारकंडा को प्रतापगढ़, साबंला, अमरगढ़ रजाड़ा और राष्ट्रीय राजमार्ग 44 से जोड़ती है लेकिन इसकी जर्जर स्थिति ने इन गांवों का संपर्क लगभग काट दिया है। इन सड़कों को बनाने के लिए विभाग की ओर से टेंडर लगाकर राशि भी जारी कर दी गई है। इसके बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है।
स्थानीय निवासी जगत राम ने बताया कि उन्होंने अन्य स्थानीय निवासियों के साथ मिलकर तीन बार प्रशासन को लिखित शिकायत दी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। बारिश में सड़क किचड़ और गड्ढों से भर जाती है जिससे बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान हैं। पूर्व सरपंच अंग्रेज सिंह का कहना है कि गांव में वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नहीं है, इसलिए गांव के बच्चों को इसी रास्ते से स्कूल जाना पड़ता है। सड़क पर गड्ढों की वजह से मोटरसाइकिल सवार अक्सर गिर जाते हैं। समाजसेवी सुशील शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ, तो स्थानीय लोग जिम्मेदार अधिकारियों से सीधे बात करेंगे और आवश्यकता पड़ी तो आंदोलन भी करेंगे।
भवन व रोड निर्माण विभाग के एक्सइन ऋषि सचदेवा का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।