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डेढ़ साल बाद भी सरस्वती रिवर फ्रंट योजना के धरातल पर नहीं शुरू कोई काम

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डेढ़ साल का समय बीतने के बाद भी सरस्वती रिवर फ्रंट योजना सिरे नहीं चढ़ पाई। इस योजना को अंतिम रूप देने के बाद भी योजना पर कोई काम शुरू नहीं किया गया। धरातल पर कोई काम शुरू न होने से लोगों का हौसला भी बुलंद हो रहा है। लोगों न केवल नदी के आसपास कब्जा कर रहे हैं बल्कि नदी में गंदा पानी भी डाल रहे हैं। इन लोगों पर हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड की नजरें भी खूब इनायत है। मौजूदा स्थिति में नदी के दोनों ओर कॉलोनी बनाई जा रही है। वहीं नदी के किनारों पर भी मिट्टी डाल पर कब्जा करने का प्रयास भी जारी है।
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इस योजना पर सत्ता पक्ष के नेताओं की ओर से बड़े-बड़े दावे किए गए। इसी के चलते योजना में तीन बार बदलाव भी किया गया। इस बदलाव के चलते बार-बार योजना का काम अटका ही रहा। आखिरकार योजना को अंतिम रूप दे दिया गया, मगर उसके बाद भी योजना अधर में ही लटकी हुई है। हालात ऐसे है कि सरस्वती नदी पर कब्जा करने के प्रयास के साथ गंदा पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं हाईवे से नदी की ओर आने वाले रास्ते को भी पक्का नहीं किया गया है।
इस योजना को लेकर मौके का जायजा लिया गया तो सरस्वती नदी के दोनों तरफ कॉलोनी काटी गई है। इन दोनों में कॉलोनी में सड़कों का निर्माण करने के लिए मिट्टी और गटका डाला गया है। बिजली के पोल लगा दिए गए है। इसके अलावा नदी के दूसरी ओर किनारे पर मिट्टी डाल दी गई। इस मिट्टी कंक्रीट के पोल भी गाड़ दिए गए। हालांकि कुछ समय पहले इन पोल को वहां से हटा लिया गया, मगर अभी भी कुछ पोल खड़े हुए हैं। नदी में जलकुंभी की भरमार है, जिसे मानसून सीजन के बावजूद नहीं निकाला गया।
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बता दें योजना के तहत पिपली से ज्योतिसर तक सरस्वती नदी में नौका विहार करने की योजना बनाई थी। अधिक बजट खर्च होने पर योजना में बदलाव किया था। पहले पिपली में 800 मीटर में नौका विहार की योजना बनाई थी, लेकिन यह योजना भी सिरे नहीं चढ़ पाई। फिर 500 मीटर में योजना शुरू करने की अंतिम योजना बनाई गई। इस 500 मीटर में नौका विहार योजना पर करीब तीन करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस योजना को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल, पर्यटन मंत्री कंवर पाल गुर्जर सरस्वती चैनल स्थल का दौरा कर चुके हैं।
बोर्ड के सामने सरस्वती में निरंतर बहते जल की व्यवस्था करना भी बड़ी चुनौती रहेगी। हालांकि इसे लेकर दावा किया जा रहा है कि नदी में झील बनाकर नौका विहार योजना को पूरा किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने योजना तैयार कर रखी है।
हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच ने कहा नेशनल हाईवे अथॉरिटी से हाल ही में एनओसी मिली है। योजना को लेकर एनएच, सिंचाई तथा वन विभाग की ओर से एनओसी मिल गई है। अभी बरसाती सीजन चल रहा है। इस सीजन के बाद अक्तूबर में योजना पर काम शुरू हो जाएगा। वहीं कहा कि आसपास की जमीन निजी है। इसमें बोर्ड की कोई दखलंदाजी नहीं है। अगर कोई कब्जा हुआ तो उसे हटाया जाएगा।
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