कुरुक्षेत्र। महाकुंभ के दौरान मौनी अमावस्या पूजन एवं अनुष्ठान का विशेष महत्व है। जग ज्योति दरबार के महंत राजेंद्र पुरी ने सर्वकल्याण की भावना से दो दिवसीय मौनी अमावस्या अनुष्ठान का आयोजन किया गया, जिसका समापन बुधवार को समापन हुआ। अनुष्ठान के साथ महंत राजेंद्र पुरी एवं बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने गो माता की पूजा की। पूजा के साथ ही गऊओं को गुड़ एवं हरा चारा खिलाया गया।
महंत ने बताया कि इस अवसर पर शुद्ध मन से की गई पूजा एवं मौन रह परमात्मा के प्रति समर्पण भी बहुत फलदायी होता है। इस के साथ उन्होंने माघ महीने में नर्मदा जयंती पूजन का महत्व भी बताया। हिंदू धर्म में गंगा मइया की तरह ही नर्मदा नदी को भी बहुत ही पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि नर्मदा जी की पूजा करने से व्यक्ति के जीवन में हमेशा सुख और शांति बनी रहती है। भारत में सात धार्मिक नदियां हैं, उनमें से ही एक है नर्मदा। शास्त्रों में इनका अलौकिक शब्दों द्वारा उल्लेख देखने को मिलता है। नर्मदा नदी में स्नान करने से व्यक्ति के सारे पाप धुल जाते हैं। नर्मदा नदी के पास भगवान शिव का बहुत प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग है। जिसे ओंकारेश्वर कहा जाता है। दूर-दूर से लोग इसके दर्शन करने आते हैं। इस अवसर पर भजन संकीर्तन भी हुआ। भजन संकीर्तन में विजय लक्ष्मी, शोभा बजाज, अनिरुद्ध बजाज, राजेश्वर प्रसाद, दीप चंद, अजय कुमार, विजय राठी व मनप्रीत इत्यादि भी मौजूद रहे।