कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के रसायन विभाग की सीनियर रिसर्च फेलो और पीएचडी स्कॉलर काजल ने अपने शोध कार्य के माध्यम से विश्वविद्यालय का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। उन्होंने अमेरिका के कैलिफोर्निया में आयोजित प्रतिष्ठित गॉर्डन रिसर्च कॉन्फ्रेंस (जीआरसी) में अपने शोध पत्र को प्रस्तुत किया। यह सम्मेलन विश्व के अग्रणी वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को एक मंच पर लाने के लिए प्रसिद्ध है। इसमें काजल ने कुरुक्षेत्र विवि का प्रतिनिधित्व किया। भारत से महज तीन शोधकर्ताओं का चयन इस सम्मेलन के लिए हुआ, जिसमें कुवि की काजल भी शामिल रही। इनका चयन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध प्रस्तुत करने के लिए होना विश्वविद्यालय के लिए गर्व की बात है।
शोधार्थी की इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय परिसर में भी खुशी का माहौल है। सम्मेलन में काजल ने रिड्यूस्ड ग्राफीन ऑक्साइड-कॉपर सल्फाइड नैनोकंपोजिट के ऊर्जा भंडारण में संभावित अनुप्रयोग विषय पर अपना शोध पोस्टर सत्र में प्रस्तुत किया। उनके शोध कार्य को अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक समुदाय द्वारा अत्यधिक सराहा गया। इस दौरान विश्वस्तरीय शोधकर्ताओं के साथ उभरती चुनौतियों और ऊर्जा प्रौद्योगिकी में नैनो मैटेरियल्स के भविष्य पर विचार-विमर्श किया। यह उपलब्धि न केवल उनके कठोर परिश्रम और समर्पण का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का शोध स्तर वैश्विक मानकों के अनुरूप है।
कुवि की व्यक्तिगत ही नहीं बल्कि विश्वविद्यालय और भारतीय विज्ञान समुदाय के लिए भी गर्व की बात है। उनके शोध कार्य का भविष्य में ऊर्जा भंडारण तकनीकों में महत्वपूर्ण योगदान होने की संभावना है। कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने भी शोधार्थी काजल को प्रोत्साहित किया और भविष्य में इसी तरह शोध के क्षेत्र में कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया।
शिक्षकों को दिया उपलब्धि का श्रेय
काजल ने बताया कि उन्हें अनुसंधान फाउंडेशन नई दिल्ली द्वारा वित्तपोषित अंतरराष्ट्रीय यात्रा अनुदान प्राप्त हुआ, जिसके सहयोग से वह अमेरिका के कैलिफोर्निया में अपना शोध पत्र प्रस्तुत कर आई हैं। काजल शिमला मोलाना गांव पानीपत की स्थायी निवासी है। इस उपलब्धि पर काजल ने अपने मार्गदर्शक डॉ. हरदीप आनंद और सह-मार्गदर्शक डॉ. प्रकाश चंद का आभार व्यक्त किया और कहा कि उनके सतत मार्गदर्शन के बिना यह सफलता संभव नहीं थी। उनकी इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय में शोध के प्रति नए विद्यार्थियों का उत्साह और प्रेरणा बढ़ेगी।
नवीकरणीय ऊर्जा सिस्टम बनेंगे ज्यादा प्रभावी
शोधार्थी काजल ने बताया रिड्यूस्ड ग्राफीन ऑक्साइड और कॉपर सल्फाइड का नैनोकंपोजिट ऐसी सामग्री है, जो सुपरकैपेसिटर के ऊर्जा घनत्व को बढ़ाने पर बहुत उपयोगी प्रभाव डालती है। रिड्यूस्ड ग्राफीन ऑक्साइड अच्छी विद्युत चालक सामग्री है जो बिजली को तेजी से प्रवाहित करती है। वहीं कॉपर सल्फाइड ऊर्जा को प्रभावी ढंग से स्टोर कर सकता है। जब इन दोनों को मिलाया जाता है, तो यह नैनोकंपोजिट बैटरी की चार्जिंग और डिस्चार्जिंग को तेज करता है जोकि ज्यादा ऊर्जा स्टोर कर सकता है तथा नवीकरणीय ऊर्जा सिस्टम ज्यादा प्रभावी बनेंगे।