फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kurukshetra News: साइबर धोखाधड़ी मामले में अभियुक्तों को नियमित जमानत

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन






कुरुक्षेत्र। जिला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हेम राज ने साइबर धोखाधड़ी मामले में अभियुक्त सुरेंद्र बेदा और कैलाश बेदा को नियमित जमानत दे दी। मंगलवार को दिए गए इस आदेश में अदालत ने कहा कि जांच पूरी हो चुकी है। शिकायतकर्ता को राशि वापस मिल चुकी है और अभियुक्तों की हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता नहीं है। दोनों को 50 हजार रुपये के जमानत बांड और एक-एक जमानती के साथ रिहा करने का आदेश दिया गया।



6 सितंबर को मनजीत कुमार यादव ने साइबर क्राइम पुलिस थाना में शिकायत दर्ज करवाते हुए बताया कि वह मजदूरी का काम करता है। 31 मई को उन्हें व्हाट्सएप पर एक संदेश प्राप्त हुआ जिसमें ऑनलाइन नौकरी के लिए 40 हजार रुपये मासिक और कमीशन का लालच दिया गया। उन्हें 92,443 रुपये एक बैंक खाते में जमा करने को कहा गया। अतिरिक्त आय की उम्मीद में मनजीत ने राशि जमा कर दी लेकिन उन्हें न तो नौकरी दी गई और न ही राशि वापस की गई। उन्होंने साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज की। पुलिस जांच में खाता कैलाश बेदा के नाम पर पाया गया जिसने 15 हजार रुपये कमीशन रखकर शेष राशि सुरेंद्र बेदा के खाते में भेजी गई। सुरेंद्र ने पांच हजार रुपये रखकर बाकी राशि जोधपुर के अनिल कुमार को भेज दी, जिसे अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है। दोनों अभियुक्तों के बैंक रिकॉर्ड और फोन जब्त किए गए और उनके बयान दर्ज किए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन




अभियुक्तों के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि सुरेंद्र और कैलाश को झूठा फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी हो चुकी है और कोई बरामदगी शेष नहीं है। यह मामला झूठा और मनगढ़ंत है व अभियुक्तों का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि शिकायतकर्ता और अभियुक्तों के बीच समझौता हो चुका है। दूसरी ओर लोक अभियोजक मनोज त्यागी ने जमानत का विरोध करते हुए मामले के आरोपों और जांच के विवरण को दोहराया। अदालत में शिकायतकर्ता मनजीत कुमार ने कहा कि उन्हें 92 हजार रुपये वापस मिल चुके हैं और उन्हें अभियुक्तों के खिलाफ कोई शिकायत नहीं है। उन्होंने जमानत पर कोई आपत्ति नहीं जताई। न्यायाधीश ने माना कि अभियुक्त आठ सितंबर से हिरासत में हैं और मामले का विचारण लंबा समय लेगा। अपराध मजिस्ट्रेट कोर्ट की ओर से विचारणीय है और अभियुक्तों के भागने या गवाहों को प्रभावित करने की संभावना नहीं है। थाना साइबर क्राइम के प्रभारी महेश कुमार ने बताया कि तीसरे अभियुक्त अनिल कुमार की तलाश जारी है।




विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें