शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्री अमृतसर के सदस्य जत्थेदार हरभजन सिंह मसाना ने कहा कि गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी की सेवा संभाल में जिला कुरुक्षेत्र की ही साध संगत डटी है।
जबकि अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की मांग कर रहे कथित नेता उसे पंजाब से आई संगत बता कर प्रदेश वासियों को गुमराह कर रहे हैं।
वे रविवार को गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने शिरोमणि अकाली दल हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष जत्थेदार शरणजीत सिंह सौथा और एसजीपीसी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रघुजीत सिंह की उपस्थिति में पत्रकारों को जिले की टीम से मिलाया।
उन्होंने बताया कि जिला अध्यक्ष जरनैल सिंह बोढी के नेतृत्व में प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष तजिंद्रपाल सिंह लाडवा, जसवंत सिंह दुनियामाजरा, कर्मवीर सिंह कंग, राजेंद्र सिंह सोढी, अमरजीत सिंह नंबरदार, बलबीर सिंह थानेसर, हलका शाहाबाद के अध्यक्ष जगीर सिंह मद्दीपुर, हरबंस सिंह गिल, मंजीत सिंह, सुखदेव सिंह के अलावा महिलाओं का जत्था भी पहुंचा हुआ है।
उन्होंने अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की मांग कर रहे नेताओं के उस बयान पर भी तीखी आपत्ति जताई कि गुरुद्वारा साहिबान में मान मर्यादा और गुरु मर्यादा भंग हो रही है।
जत्थेदार मसाना ने कहा कि गुरुद्वारा साहिबान सभी के लिए खुले हैं और यही कारण है कि जैसे-जैसे संगत को सूचना मिल रही है, वह अपने समय निकाल कर यहां पहुंच रही है।
उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि संगत के जोश को देखकर दीदार सिंह नलवी व जगदीश सिंह झींडा ग्रुप में खलबली मची है और वे खुद को संगत से कटा हुआ महसूस कर रहे हैं।
मसाना ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा पंथ से निष्कासित किए जाने के बाद कोई भी गुरु नानक नाम लेवा सिख उन्हें मुंह नहीं लगा रहा, जिस कारण वे परेशान हैं और अनाप-शनाप बयानबाजी पर उतारू हुए हैं।
जत्थेदार मसाना ने कहा कि गुरुद्वारा साहिबान में हरियाणा-पंजाब से ही नहीं, बल्कि पूरे देश से और विदेशों से भी अकसर संगत दर्शनों के लिए आती है। ऐसे में संगत की आस्था पर प्रहार करने वाले को कदापि गुरु महाराज माफ नहीं करेंगे।