प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाए जा रहे डिजिटल इंडिया अभियान को प्रदेश के सरकारी स्कूलों में गहरा झटका लग रहा है। शिक्षा विभाग सभी स्कूलों से लेकर बच्चों और अध्यापकों का पूरा विवरण ऑनलाइन करने का दावा कर रहा है, जबकि स्कूलों में कंप्यूटर व्यवस्था ही ठप है। विभाग ने कुछ दिनों पहले इन स्कूलों से कंप्यूटर टीचर, लैब सहायक और स्कूल इन्फॉर्मेशन मैनेजर्स (सिम) को अनुबंध पूरा के बाद हटा दिया था। इसके बाद स्कूलों में कंप्यूटर कार्य न के बराबर ही हो रहा है।
अधिकतर स्कूलों में कंप्यूटर लैब में रखे कंप्यूटर धूल खा रहे हैं। कंप्यूटर टीचर और लैब सहायक न होने के कारण ग्रीष्मकालीन छुट्टियों के बाद एक जुलाई से शुरू शिक्षा सत्र में शायद ही कंप्यूटर लैब के ताले खुलें। यहीं नहीं विभाग बच्चों, अध्यापकों और स्कूल प्रबंध का पूरा रिकार्ड ऑनलाइन करने के लिए अध्यापकों पर दबाव बना रहा है।
अध्यापकों से उनकी प्रोफाइल भी बनवाई जा रही है। इसके साथ ही तबादले की च्वॉइस से लेकर छुट्टियां तक का कार्य ऑनलाइन किया जा रहा है। यह हाल तब है, जबकि अधिकतर अध्यापक कंप्यूटर शिक्षित और प्रशिक्षित नहीं है। कंप्यूटर टीचर और सिम के हट जाने के बाद इन अध्यापकों के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। विभाग ने अध्यापकों को तय समय में अपना पूरा डाटा ऑनलाइन किए जाने के आदेश जारी किए हैं।
ये कहती हैं जिला शिक्षा अधिकारी
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी परमिंद्र कौर ने बताया कि स्कूलों का पूरा विवरण ऑनलाइन किया जा रहा है। इसका अधिकतर कार्य पूरा हो चुका है। अब अध्यापकों को अपना एमआईएस प्रोफाइल पूरा करने के लिए आदेश दिए गए हैं। उन्होंने माना कि अध्यापकों को अपने स्कूलों में कंप्यूटर व्यवस्था न मिल पाने के कारण परेेेशानी हो रही है। लेकिन, कुछ अध्यापक जिस स्कूल में कार्य हो सकता है, वहां करवा रहे है। कुछ निजी दुुकानों पर जाकर डाटा ऑनलाइन करवा रहे हैं।
हेडमास्टर एसोसिएशन में रोष
एलिमेन्टरी स्कूल हेडमास्टर एसोसिएशन हरियाणा-94 में स्कूलों में ठप हुई कंप्यूटर व्यवस्था पर रोष है। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष दलबीर सिंह मलिक ने कहा कि एक ओर सरकार डिजिटल इंडिया पर जोर दे रही है, लेकिन दूसरी ओर सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा दम तोड़ रही है। कम्प्यूटर टीचरों, लैब सहायकों और सिम को हटाकर सरकार ने उनके साथ धोखा किया है।
बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा देने से भी पीछे हट रही है। अध्यापकों को भी निजी दुकानों पर जाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। प्रदेशाध्यक्ष और रमेश बिबियान, जसबीर सैनी, जिला प्रधान रमेश शर्मा, प्यारे लाल, अमर सिंह, स्वतंत्र शर्मा आदि ने मांग की है कि कंप्यूटर टीचरों, लैब सहायकों और सिम्स की सेवाएं फिर शुरू की जाएं। एक अप्रैल को सेवाओं से निकाले गए गेस्ट टीचरों को शीघ्र समायोजित किया जाए। रिक्त हुए पदों पर निकाले गए गेस्ट टीचर्स को समायोजित किया जाए।