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निदेशालय के दूसरे पत्र से केयू को 20 करोड़ फटका तय

Thu, 30 Jun 2016 01:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरूक्षेत्र
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 बीएड और एमएड कॉलेजों को चौधरी रणवीर सिंह यूनिवर्सिटी जींद में समायोजित करने के निर्णय के बाद केयू प्रशासन ने फाइलें जमा करना शुरू कर दिया है। प्रदेश भर के यूनिवर्सिटी से संबद्ध बीएड और एमएड कॉलेजों को जींद यूनिवर्सिटी से जोड़ने की घोषणा सरकार ने पहले ही कर दी थी। लेकिन बीच में यह कवायद रूक गई थी।
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लेकिन 22 जून को उच्चशिक्षा निदेशालय के एक पत्र ने तय कर दिया कि केयू के 250 कॉलेज जींद में समायोजित होंगे। यूनिवर्सिटी को हर वर्ष करीब 20 करोड़ का नुकसान होना भी तय हो गया है। इधर एजुकेशन कॉलेज एसोसिएशन ने सीएम सहित कुरुक्षेत्र सांसद राजकुमार सैनी, विधायक सुभाष सुधा और शाहबाद, यमुनागर लाड़वा विधायक से भी केयू को इस नुकसान से बचाने की अपील की है। बताया जाता है कि इन पांच नेताओं ने सीएम तक यह बात पहुंचाई भी है। हालांकि इसका असर होता नहीं दिख रहा है। इधर केयू प्रशासन ने फाइलें जमा करना शुरू कर दिया है।

22 जून को केयू प्रशासन को एक पत्र निदेशालय ने भेजा है। इस पत्र में साफ शब्दों में कहा गया है कि सत्र 2016-17 से सभी एजुकेशन कॉलेज जींद यूनिवर्सिटी से एफिलेटेड होंगे। हालांकि इस पत्र में यह राहत जरूरी दी गई है कि केयू, एमडीयू रोहतक, सीडीएलयू सिरसा, बीपीएसएमवीवी खानपुरकलां, चौधरी बंसी लाल यूनिवर्सिटी भिवानी, इंदिरा यूनिवर्सिटी मीरपुर रेवाड़ी में जो विद्यार्थियों इनरोल्ड हो चुके हैं। वे अपना कोर्स इन्हीं यूनिवर्सिटी में पूरा कर सकते हैं। इस पत्र के मिलने के बाद केयू प्रशासन ने एफिलेटेड कॉलेजों और इनरोल्ड स्टूडेंट्स की लिस्ट बनाने का काम तेजी से शुरू कर दिया है।
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बताया जाता है कि जल्द ही इससे संबंधित फाइलें निदेशालय केजरिये जींद यूनिवर्सिटी को सौंप दी जाएगी।
इस समयोजन के बाद केयू की आर्थिक स्थिति पूरी तरह से चरमरा जाएगी। पहले से ही करोड़ों के घाटे में चल रही यूनिवर्सिटी को अगले से सत्र से ही 20 करोड़ प्रति वर्ष का नुकसान और उठाना पड़ेगा। केयू से करीब 250 बीएड कॉलेज एफिलेटेड हैं। इन कॉलेजों में मिलाकर हजारों विद्यार्थियों के प्रवेश होते हैं। हर कॉलेज से यूनिवर्सिटी एफिलेशन फीस के अलावा परीक्षा फीस और अन्य मदों में राशि लेती है। जो करीब 20 करोड़ तक हो जाती है। लेकिन अब यह नुकसान हर वर्ष होगा। केयू के डीन ऑफ एजुकेशन का कहना है कि निर्देशों की पालना की जा रही है। फाइलें तैयार की जा रही है। हालांकि परिसर में बीएड की पढ़ाई चलती रहेगी।
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