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सवालों के घेरे में लिंग जांच गिरोह के असली सदस्यों की पहचान 

Thu, 05 Jan 2017 12:48 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
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क्या यही तीन नाम हैं जिनके दम पर पिहोवा में लिंग जांच का घिनौना कारोबार चल रहा था? पिहोवा में कैथल और कुरुक्षेत्र स्वास्थ्य विभाग के ज्वाइंट आपरेशन में हुई छापेमारी के बाद उठ रहे हैं। 
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सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या गर्भ में शिशु के लिंग की जानकारी की एवज में किसी अस्पताल के कारिंदे 20 हजार रुपये की वसूली कर सकते हैं? तीसरा सवाल यह उठ रहा है कि जब इनके इस घिनौने कारोबार की सूचना पड़ोसी जिला कैथल के सिविल सर्जन तक पहुंच गई तो उन लोगों तक क्यों नहीं पहुंची, जिनके संरक्षण में यह अस्पताल चल रहा है। चौथा बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि स्थानीय स्वास्थ्य
विभाग जिला में चौकसी के दावे कर रहा था तो वह गिरोह से कैसे अनभिज्ञ रहा?  

फिलहाल जो कार्रवाई हुई है, उसमें पीठ थपथपाने का अधिकार फिलहाल भले कैथल स्वास्थ्य विभाग के पास हो, मगर अभी तक जिस गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है, उसमें किसी बड़े नाम की संलिप्तता गौण दिख रही है। बता दें कि
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लिंग जांच कराने वाले गिरोह के जो दो एजेंट काबू किए गए हैं, उनमें एक व्यक्ति पिहोवा के नामी प्राइवेट अस्पताल का कर्मचारी है, जबकि गिरफ्त में आया दूसरा आरोपी कुरुक्षेत्र जिला के गांव मांगणा में क्लीनिक चलाता है। इनके अलावा इस गिरोह का फरार हुआ तीसरा एजेंट भी एक प्राईवेट अस्पताल का कर्मी बताया जा रहा है। वहीं पीएनडीटी के जिला नोडल अधिकारी एवं डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. आरके सहाय का कहना है कि जिस अस्पताल में अल्ट्रासाउंड हुआ था, उसे अभी क्लीनचिट नहीं दी गई है। दोनों जिलों की ज्वाइंट टीम इस मामले की गहनता से जांच कर रही है, ताकि दोषियों के खिलाफ पुख्ता कार्रवाई हो सके। उन्होंने यह भी बताया कि स्वास्थ्य विभाग पूरी सतर्कता के साथ इस मामले की जांच कर रही है।         
 
बेटियों की बचाने की मुहिम के बीच मिली थी नवजात             
कुरुक्षेत्र के पुराने बस अड्डे के फाटक के निकट पिछले दिनों एक नवजात कन्या का शव मिल चुका है। यूरिया के बैग में बगैर कपड़ों के मिली इस नवजात कन्या के शरीर पर कपड़ा तक नहीं था। रेलवे पुलिस ने इस संदर्भ में केस दर्ज कर कई अस्पतालों का रिकार्ड खंगाला था, लेकिन आज तक उक्त बच्ची को जन्म देकर कचरे के ढेर तक पहुंचाने वाली मां का सुराग नहीं लगा। सवाल यह भी उठ रहा है कि इन हालात में बेटियों को बचाने की मुहिम कितनी सफल हो रही है ,जब गर्भपात, लिंग जांच और जन्म देने के बाद बेटियों को कचरे के ढेर में फेंका जा रहा हो।        
         
9 माह में 9 लिंग जांच और गर्भपात के 9 मामले, 76 गिरफ्तार                                     
सिविल सर्जन डॉ. एसके नैन के मुताबिक जिला कुरुक्षेत्र में अप्रैल 2016 से अब तक 9 माह के भीतर लिंग जांच और गर्भपात 9-9 मामले उजागर हो चुके हैं, जिनमें अब तक 76 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। लिंग जांच और गर्भपात कराने वाले गिरोह के सदस्यों में दूसरे जिलों और राज्यों के लोगों की भी संलिप्तता पाई गई थी और इन्हें दूसरे जिलों और राज्यों से गिरफ्तार भी किया गया। डा. नैन ने कहा कि जिला स्वास्थ्य विभाग इस घिनौने धंधे से जुड़े लोगों पर पैनी नजर रखे हुए हैं।
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