नाबालिग लड़की से दुष्कर्म मामले में आरोपी को अदालत ने दोषी मानते हुए 10 कैद की सजा के आदेश दिए हैं। यह आदेश अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूनम सुनेजा ने दिए हैं। जिला न्यायवादी एस के मितल ने बताया कि वर्ष 2014 में शाहाबाद वासी एक महिला ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसकी 15 वर्षीय पुत्री घर से अचानक लापता हो गई है। पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज करके छानबीन की तो पता चला कि अटारी कॉलोनी में रहने वाला अनिल वासी मुकंदपुर काच्छा जिला प्रतापगढ़ उत्तर प्रदेश शादी करने की नीयत से बहला फुसला कर ले गया है।
पुलिस ने मामला दर्ज करके छानबीन करते हुए आरोपी के घर उत्तर प्रदेश से नाबालिग लड़की को बरामद किया था। युवती का मेडिकल चेकअप करवाया गया, जिसमें दुष्कर्म के बाद गर्भवती होने का खुलासा हुआ था। अपने बयान में पीड़िता ने पुलिस को बताया था कि उसकी अनिल नाम के व्यक्ति से से जान पहचान थी। एक दिन मौका पाकर अनिल उसे शादी करने के लिए अपने गांव यूपी ले गया था। वहां गांव के ही मंदिर में शादी की थी। उसके बाद गांव में भी आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। थाना शाहबाद पुलिस ने आरोपी अनिल कुमार को गिरफ्तार करके अदालत में पेश किया था।
मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूनम सुनेजा की अदालत में चल रही थी। अदालत ने सुनवाई उपरांत आरोपी को दोषी मानते हुए फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी अनिल को धारा 365 में 3 साल कैद व 5 हजार रुपये जुर्माना, 366 ए में 7 साल कैद व 5 हजार रुपये जुर्माना, धारा 6 पोक्सो एक्ट में 10 साल की कैद व 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना ना भरने की सूरत में 4 माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।