कुरुक्षेत्र। किरमिच गांव में रामरतन हत्याकांड के डेढ़ माह बाद बुधवार को भारी सुरक्षा के बीच 15 परिवारों के करीब 55 लोगों की घर वापसी हुई, जिस दौरान पूरा गांव पुलिस छावनी बना रहा। हत्याकांड के बाद गांव में दो पक्षों के बीच तनाव के चलते आरोपी पक्ष के इन परिवारों को गांव छोड़कर रिश्तेदारों व शहर के महर्षि वाल्मीकि आश्रम व धर्मशाला में शरण लेनी पड़ी थी।
घटना की शुरुआत बच्चों के बीच सर्कस देखने को लेकर हुए विवाद से हुई थी, जिसने बाद में हिंसक रूप ले लिया था। इस बीच पीटकर रामरतन की हत्या कर दी गई थी। हालांकि गांव में तनाव अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। मृतक पक्ष का आरोप है कि दो मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, जिससे उन्हें जान का खतरा बना हुआ है। दूसरी ओर आरोपी पक्ष ने दावा किया कि उनके घरों में तोड़फोड़ और चोरी की घटनाएं हुई हैं। मौके पर पहुंची सीन ऑफ क्राइम की टीम ने इसकी जांच शुरू कर दी है।
मौके पर पहुंचे डीएसपी रणधीर सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांति स्थापित की गई है। हत्या के मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और आगे की कार्रवाई जारी है। पुलिस ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है और स्थिति पर नजर रखने के लिए रात में भी गांव में तैनात रही, इससे पहले पुलिस ने दो बार परिवारों की वापसी की कोशिश की थी, लेकिन तनाव के कारण यह संभव नहीं हो सका था। अब कड़े सुरक्षा इंतजामों के साथ यह पुनर्वास संभव हुआ है।