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रामलीला हमारी प्राचीन सभ्यता व संस्कृति का प्रतीक : छिंदा

Thu, 29 Sep 2016 12:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरूक्षेत्र
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रामलीला हमारी प्राचीन सभ्यता व संस्कृति का प्रतीक : छिंदा, - फोटो : Amar Ujala
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स्थाण्वीश्वर महादेव मंदिर मार्ग स्थित नेताजी सुभाष पार्क में मंगलवार रात्रि जयश्री शारदा रामलीला ड्रामाटिक क्लब की ओर से रामलीला का शुभारंभ किया गया, जोकि 10 अक्तूबर तक चलेगी। प्रधान सतीश शर्मा ने बताया कि क्लब की ओर से 1937 से रामलीला का मंचन प्राचीन भारतीय शैली में बहुत ही शिक्षाप्रद व मनोरंजक रुप से किया जाता है। बैंड बाजों व भजनों की मधुर ध्वनि के बीच नगरपरिषद थानेसर के उपाध्यक्ष सुरेंद्र छिंदा, ज्ञान सिंह, बलविंद्र सिंह, अनिरुद्ध शर्मा, सुधीर चुघ इत्यादि ने बतौर मुख्यातिथि रिबन काटकर रामलीला का शुभारंभ किया।
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इससे पूर्व रामलीला क्लब के सभी सदस्यों, कलाकारों और दर्शकों ने दिवंगत कलाकारों शिवचरण बब्बल व शिव कुमार सैनी शिब्बा को श्रद्धांजलि अर्पित की। रामलीला के सभी कलाकारों व सदस्यों ने अतिथियों का स्वागत करके स्मृति चिन्ह प्रदान किया। मुख्यातिथि सुरेंद्र छिंदा ने कहा कि रामलीला हमारी प्राचीन सभ्यता व संस्कृति का प्रतीक है।

उसके पश्चात रावण वेदवंती संवाद व कैलाश टक्कर का मंचन किया गया, जिसमें संजीव कौशिक ने रावण, सुनील भटनागर ने वेदवती, अजय ठाकुर ने शंकर, सचिन देव ने मारीच, जितेंद्र भटनागर ने नंदी का रोल प्ले किया। इस मौके पर चेयरमैन संजीव पांडे, कोषाध्यक्ष नरेश चौधरी, सचिव यशपाल सैनी, उपप्रधान सोहन लाल, निदेशक भूषण कुमार गुप्ता, मुख्य निर्देशक दर्शन लाल, सुनिल भटनागर, पदम धीमान, अभिनव अरोड़ा, चीनी भाई, रिंकू सक्सेना व अनिल पोपली  मौजूद रहे।
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