कुरुक्षेत्र। मृतक रजनीकांत का फाइल फोटो।
कुरुक्षेत्र/पिहोवा। अपराध अन्वेषण शाखा एक (सीआईए) की टीम ने रजनीकांत हत्याकांड के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जिला अंबाला के चौड़ मस्तपुर गांव के रहने वाले हरमन सिंह और रामस्वरूप उर्फ हैप्पी के रूप में हुई है। दोनों ने पुलिस पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया।
डीएसपी पिहोवा निर्मल सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि 6 जनवरी को सुबह करीब 10 बजे मंदेड़ी गांव के रहने वाले कुलवंत सिंह ने पुलिस को सूचना दी कि गांव मंदेड़ी के गुरुद्वारे के पास खेत में एक युवक का शव पड़ा है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और सीन ऑफ क्राइम टीम ने जांच की। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। थाना इस्माईलाबाद में हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच सीआईए एक को सौंपी गई। जांच के दौरान टीम ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और अदालत में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया गया।
रजनीकांत व हरमन ने रूस से लौटने के बाद अंबाला में शुरू किया था विदेश भेजने का कार्य
इस्माईलाबाद। रजनीकांत व हरमन रूस में एक साथ रहते थे और दोस्त बन गए लेकिन रूस में काम न मिलने के कारण दोनों वापस आ गए थे। यहां आकर दोनों ट्रेवल एजेंट का काम करने लगे। रजनीकांत पहले अंबाला और उसके बाद लालडू में कमरा लेकर रहने लगा। वहां से दोनों ने कुछ युवकों को विदेश भी भेजा जिनके पैसों के लिए दोनों के बीच विवाद रहने लगा। 5 जनवरी की रात को हरमन का दोस्त रामस्वरूप वासी चौड़मस्तपुर, रामस्वरूप के रिश्तेदार रिंकू व रजनीकांत कार में सवार होकर ठोल आए और ठोल में पैसे लेनदेन के विवाद के कारण उनमें झगड़ा हो गया और उन्होंने रजनीकांत पर चाकू से हमला कर हत्या कर दी और शव को गांव मंधेडी के समीप रोड पर फेंक दिया।
रजनीकांत रूस में काम दिलवाने का चलाता था रैकेट
डीएसपी निर्मल सिंह ने खुलासा किया कि रजनीकांत रूस में रहता था और लोगों को रूस में काम दिलवाने का रैकेट चलाता था। आरोपी हरमन ने रजनीकांत से संपर्क कर पांच लाख रुपये में रूस भेजने की डील की। रजनीकांत ने ई-वीजा देकर हरमन को रूस बुला लिया लेकिन काम नहीं मिला। दोनों 15 दिसंबर 2025 को भारत लौट आए। हरमन बार-बार अपने रुपये वापस मांगता था जिससे दोनों में अनबन चल रही थी। 6 जनवरी को आरोपी रामस्वरूप और हरमन कार में रजनीकांत को ठोल लेकर आए। वहां रुपये के कारण झगड़ा हुआ और गुस्से में हरमन ने रामस्वरूप की मदद से चाकू से गोदकर रजनीकांत की हत्या कर दी। शव को सड़क किनारे फेंक दिया। पुलिस का कहना है कि यह विदेश भेजने के धोखाधड़ी रैकेट से जुड़ा मामला है। जांच जारी है और अन्य संलिप्तता का पता लगाया जा रहा है।