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Kurukshetra News: किसानों को रोकने के लिए ट्यूकर बॉर्डर व मारकंडा पुल पर आरएएफ व पुलिस तैनात

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कुरुक्षेत्र/ पिहोवा। सरकार ने पंजाब के किसानों का दिल्ली कूच रोकने के लिए हरियाणा-पंजाब सीमा के ट्यूकर बॉर्डर पर पहरा लगा दिया है। यहां पर आरएएफ (त्वरित कार्रवाई बल) के साथ पुलिस को तैनात किया गया है। हालांकि बॉर्डर पर किसानों की किसी तरह की कोई हलचल न होने पर रास्ते को बंद नहीं किया है, लेकिन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। वीरवार रात को ही यहां जरूरत पड़ने पर दीवार बनाने के लिए सीमेंट व अन्य सामग्री भी पहुंचा दी गई।
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फरवरी में किसानों को रोकने के लिए ट्यूकर बॉर्डर पर पुख्ता इंतजाम किए गए थे। उस समय मारकंडा पुल पर किसानों को रोकने के लिए 10 फुट के अंदर कीलें, सरिए, सीमेंट के भारी ब्लॉक, बुलडोजर, रोड रोलर और बैरिकेडिंग की गई थी। करीब डेढ़ महीने के बाद रास्ते को खोला गया था। अब करीब आठ महीने बाद दोबारा किसानों को रोकने की स्थिति उत्पन्न हुई तो सरकार ने बॉर्डर पर दोबारा पहरा लगा दिया है।
उधर, पंजाब की तरफ से किसानों की कोई हलचल नहीं है। बॉर्डर के दूसरी ओर पंजाब पुलिस ने भी नाका लगा रखा है। शुक्रवार को बॉर्डर पर हालात सामान्य बने रहे। किसी तरह की आवाजाही को प्रशासन की ओर से बंद नहीं किया गया है। बॉर्डर से वाहनों की आवाजाही हो रही है। हालांकि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए आरएएफ की एक कंपनी के साथ पुलिस बल को तैनात किया गया है। पिहोवा के डीएसपी परमजीत सिंह और थाना सदर प्रभारी विक्रांत के नेतृत्व में बॉर्डर पर नजर रखी जा रही है।
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ड्रोन से रखी जा रही नजर
किसानों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरे से नजर रखी जा रही है। बॉर्डर पर सीसीटीवी भी इंस्टॉल कराए गए हैं। पुलिस के साथ खुफिया तंत्र आसपास के गांवों पर भी नजर रखे हुए हैं। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए बॉर्डर जेसीबी, बैरिकेड, दमकल और एंबुलेंस को तैनात किया गया है। इसके अलावा सीमेंट के ब्लॉक, रेत-बजरी, मिट्टी के कट्टे और अन्य सामग्री का इंतजाम किया गया है।

नेशनल हाईवे 44 के मारकंडा पुल पर भी पुलिस का पहरा
शाहाबाद। अंबाला-दिल्ली नेशनल हाईवे 44 पर भी पुलिस सतर्क है। हालांकि अभी तक पुलिस प्रशासन की ओर से कोई बड़ा कदम नहीं उठाया गया है लेकिन जिस जगह पर फरवरी में हुए किसान आंदोलन के चलते जहां लोहे की कीलें लगाने के साथ-साथ दीवारें बना कईं लेयर की सुरक्षा प्रबंध किए गए थे उसी जगह मारकंडा पुल के पास 50 से ज्यादा पुलिस जवान सुबह ही पहुंच गए थे, जो दिन भर आसपास ही जमे रहे। हालांकि स्थानीय किसानों की ओर से भी कोई हलचल नहीं की गई लेकिन शंभू बार्डर पर हुई गतिविधियों पर नजरें टिकी रही।


कोई भी कानून अपने हाथ न लें : एसपी
एसपी वरुण सिंगला का कहना है कि किसी को भी कानून अपने हाथ नहीं लेना चाहिए। पुलिस पूरी तरह से अलर्ट है और हर निगरानी पर निगाह है। उनका कहना है कि ट्यूकर बार्डर के अलावा शाहाबाद में भी मारकंडा पुल जवान तैनात किए गए हैं। जहां जबरदस्ती करने की कोशिश की तो तुरंत एक्शन लिया जाएगा।
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