कुरुक्षेत्र। श्री मारकंडेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं के साथ मौजूद महंत जगन्नाथ पुरी । विज
कुरुक्षेत्र। राधा अष्टमी पर्व जिलेभर में धूमधाम से मनाया गया जिसके चलते देवालयों से लेकर घरों तक श्रद्धा और उल्लास का माहौल बना रहा। दिनभर पूजा-अर्चना की गई और अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। गीता ज्ञान संस्थानम में मुख्य तौर पर कार्यक्रम किया गया, जहां बांके बिहारी मंदिर को बेहद आकर्षक ढंग से सजाया गया। हजारों श्रद्धालुओं ने यहां पूजा-अर्चना की और प्रसाद भी ग्रहण किया। पूर्व संध्या पर संस्थान की ओर से भव्य शोभायात्रा भी निकाली गई।
श्री मारकंडेश्वर महादेव मंदिर ठसका मीरां जी में श्री गणेश महोत्सव के साथ राधा अष्टमी की भी धूम रही। श्री राधा रानी के जन्मोत्सव के लिए श्रद्धालुओं के चेहरे खिले रहे। रविवार होने के कारण भगवान शिव के परम भक्त ऋषि मारकंडेय का पूजन एवं अभिषेक भी हुआ। ऐसे में राधे-राधे की गूंज से पूरे मंदिर में भक्ति एवं श्रद्धा का माहौल बना रहा।
राधा अष्टमी के अवसर पर अखिल भारतीय श्री मारकंडेश्वर जन सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत जगन्नाथ पुरी ने श्रद्धालुओं के साथ पूजन के बाद बताया कि श्री कृष्ण जन्माष्टमी की भांति राधा अष्टमी का विशेष महत्व है। राधा अष्टमी हर साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के 15 दिन बाद मनाई जाती है। राधा अष्टमी के दिन देवी राधा के दर्शन करने से ही मनोकामना पूर्ण होती है। इस दिन भक्तों में आनंद और उत्साह रहता है। राधा अष्टमी का पूजन कल्याणकारी माना गया है।