सीएम फ्लाइंग स्क्वायड टीम के एचएसवीपी कार्यालय में छापे से अधिकारी व कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। बुधवार सुबह करीब सवा नौ बजे टीम पहुंची तो कई कर्मचारी गैर हाजिर मिले, वहीं कार्यालय परिसर में छापे के दौरान शराब की कई खाली बोतलें भी टीम के हाथ लगी। लगातार सात घंटे चली जांच में टीम के तेवर देख हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों व कर्मचारियों के पसीने छूटते रहे। टीम को हर जगह खामियां ही खामियां नजर आई। वहीं पीलिया का दंश झेल रहे सेक्टरवासियों ने भी टीम के सामने अपना दुखड़ा रोया व लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। फ्लाइंग स्क्वायड सुबह सवा नौ बजे से लेकर सायं चार बजे तक कार्यालय में रिकॉर्ड खंगालती रही। इस दौरान टीम के सदस्यों ने कार्यालय में अपने काम करवाने पहुंचे सेक्टरवासियों से वहां के अधिकारियों व कर्मचारियों के व्यवहार के बारे में जानकारी भी प्राप्त की। कार्रवाई से साफ जाहिर है कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों और अधिकारियों को लेकर सख्त रवैया अपनाए हुए है और जनता को बेहतर सुविधा देने के लिए तेवर तल्ख किए हुए हैं।
बुधवार सुबह करीब सवा नौ बजे फ्लाइंग टीम एवएसवीपी के कार्यालय पहुंची तो सबसे पहले सभी अधिकारियों व कर्मचारियों की हाजिरी चैक की। एचएसवीपी के पास 31 कर्मचारी व अधिकारियों का स्टाफ है, जिसमें से टीम के पहुंचने पर 23 कर्मचारी ही मौजूद मिले। वहीं बाकी आठ कर्मचारी धीरे-धीरे 9:45 तक दफ्तर पहुंचे। लेट आने वाले इन कर्मचारियों का नाम टीम ने नोट कर लिया। टीम का नेतृत्व कर रहे डीएसपी नरेंद्र श्योकंद ने कहा कि सरकार द्वारा प्रदेशभर के एचएसवीपी कार्यालयों में छापा मारा गया है। कुरुक्षेत्र के सेक्टर-तीन स्थित एचएसवीपी कार्यालय से संबंधित कई शिकायतें उनके पास आ रहीं थी। इन शिकायतों को ध्यान में रखते हुए यह छापा मारा गया है। छापे के दौरान कार्यालय में अपने काम करवाने पहुंचे सेक्टवासियों से भी टीम के सदस्यों द्वारा अधिकारियों व कर्मचारी के व्यवहार के बारे में फीडबैक ली है। इस बार टीम अपने साथ दो कंप्यूटर एक्सपर्ट भी साथ लेकर आई है। कंप्यूटर एक्सपर्ट एचएसवीपी के सारे डाटा को अच्छे से जांचेंगे। टीम उसके बाद जो भी रिपोर्ट सामने आएगी उसे सीआईडी चीफ के माध्यम से मुख्यमंत्री मनोहर लाल को सौंप दिया जाएगा। डीएसपी ने कहा कि सेक्टर तीन में गंदे पानी की सप्लाई के कारण पीलिया होने से तीन लोगों की मौत व कई लोग पीलिया ग्रस्त हुए। इसके पीछे कौन से अधिकारी व कर्मचारी जिम्मेवार हैं टीम उसकी रिपोर्ट बनाकर भी मुख्यमंत्री को सौंपेगी।
छापे के दौरान पाई गई खामियां
-कार्यालय परिसर में मिली शराब की खाली बोतलें
-अप्रैल 2019 से खराब पड़ा है ऑनलाइन डेयरी डिस्पैच सिस्टम
-13 लोगों की शिकायतें पड़ी हैं अधूरी
-चार्टर बोर्ड पर सिर्फ इंग्लिश में लिखा हुआ, बल्कि यह हिंदी में भी हो ताकी सबको समझ जाए
-ऑनलाइन होने वाले कार्यों को बताने के लिए कोई कर्मचारी नहीं
-इंटरनेट का सर्वर ज्यादातर रहता है खराब
-लोगों से फीडबैक के लिए एसएमएस सुविधा नहीं है।
-अपने काम का स्टेटस जानने के लिए कियोस्क मशीन नहीं है।
-टीम ने प्रोपर्टी डीलरों को आम लोगों से दूर रखने की दी नसीहत
-दिव्यागों के लिए नहीं बनाया गया रैंप
-दूसरे विभागों से बिना कोर्डिनेशन किए बिछाई गैस पाइप लाइन
-किसी भी प्रकार के टेंडर होने में लग जाते हैं साल
-समस्याओं के समाधान के लिए लोगों को लगाने पड़ते हैं चक्कर
परिसर से मिली शराब की खाली बोतलें
टीम को कार्यालय परिसर में निरीक्षण के दौरान कार्यालय के पीछे शराब की खाली बोतलें मिलीं, जिसमें 11 देसी, तीन अंग्रेजी व तीन बीयर की बोतल शामिल थी। इस बारे में जब एचएसवीपी अधिकारियों ने कहा कि कार्यालय परिसर की दीवार छोटी है, ऐेसे में बाहरी युवक दीवार से यह बोतलें अंदर फेंक देते हैं।
बायोमेट्रिक से किया हाजिरी रजिस्टर का मिलान
फ्लाइंग टीम ने हाजिरी रजिस्टर को कब्जे में लेकर उसकी बायोमेट्रिक हाजिरी से मिलान किया। टीम जहां सवा नौ बजे कार्यालय पहुंच गई थी, वहीं एचएसवीपी के आठ कर्मचारी धीरे-धीरे कर करीब 9:45 तक कार्यालय पहुंचे। इन कर्मचारियों का नाम टीम ने नोट कर लिया।
सेक्टरवासी बोले- तबादला करना नहीं है समस्या का समाधान
सेक्टर तीन वासियों ने डीएसपी नरेंद्र श्योकंद से कहा कि सेक्टर में गंदे पानी की सप्लाई के कारण तीन मौत व 100 से ज्यादा लोग पीलिया का शिकार हुए। इतना कुछ होने के बाद भी अधिकारी नहीं जागे। सेक्टरवासियों के विरोध करने पर संबंधित अधिकारियों को तबादला कर दिया गया, लेकिन तबादला करना किसी समाधान का नहीं है। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ तो सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं सेक्टरवासियों ने यह भी कहा कि यहां के अधिकारी व कर्मचारी जनता का कोई भी काम नहीं करते।
किसी भी जिले से टीम का कर सकते हैं चुनाव
डीएसपी नरेंद्र ने बताया की मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के लिए किसी भी जिले से टीम को चुना जा सकता है। जैसे कुरुक्षेत्र की टीम को छापामारी करने के लिए कैथल, यमुनानगर सहित प्रदेश के किसी भी जिले में भेजा जा सकता है। वैसे ही दूसरे जिलों से भी टीम कुरुक्षेत्र में आकर जांच कर सकती है। बुधवार को छापामारी के दौरान उन्होंने कुरुक्षेत्र सीआईडी से ही सात सदस्यों की टीम को चुना और एचएसवीपी कार्यालय में छापामारी की।
शिकायत वापस लेने का बनाते हैं दबाव
सेक्टर 17 मार्केट एसोसिएशन के प्रधान राजेश्वर गोयल ने टीम के सामने शिकायत रखते हुए कहा कि एक साल बीत जाने के बाद भी एचएसवीपी द्वारा सफाई का टेंडर नहीं निकाला गया। टेंडर को लेकर वे सीएम विंडो सहित कई जगह शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अधिकारी समस्या का समाधान करने की बजाए उलटा शिकायत वापस लेने का दबाव बनाते हैं।
फ्लाइंग टीम में शामिल सदस्य
सीएम फ्लाइंग स्क्वेयड में डीएसपी नरेंद्र श्योकंद के नेतृत्व में इंस्पेक्टर विपिन कुमार, एसआई विजय कुमार, प्रवीण कुमार, योगेश हेड कांस्टेबल मुकेश, सतबीर, सतीश व तरसेम आदि शामिल रहे।
30 दिसंबर 2019 को आरटीए कार्यालय में मारा था छापा
बता दें कि इससे पहले सीएम फ्लाइंग टीम ने तहसील कॉपलेक्स स्थित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में छापा मारा था। छापे के दौरान अधिकारियों व कर्मचारियों के हाजिरी रजिस्टर चेक किए गए थे। वहीं गलत रूट पर चल रही एक सहकारी बस का चालान भी किया था। इस दौरान टीम ने कार्यालय में सीसीटीवी कैमरा का बैकअप बढ़ाने के लिए भी बोला था।
सीआईडी चीफ कर रहे निगरानी
गौरतलब है कि प्रदेश के सभी जिलों में एचएसवीपी कार्यालयों में सीएम फ्लाइंग ने छापे मारे। इस पूरी कार्रवाई की निगरानी सीआईडी चीफ अनिल राव कर रहे हैं। वहीं पूरी कार्रवाई की रिपोर्ट बुधवार शाम तक सीआईडी चीफ के माध्यम से मुख्यमंत्री मनोहर लाल को सौंप दी गई।
Rade Cm flying Team in HSVP Ofice- फोटो : Kurukshetra