इन दिनों जिले के चारों सीएचसी (कम्युनिटी हेल्थ सेंटर) में हालत पुरी तरह से चरमराई हुई है। आलम यह है कि पूरे सीएचसी को केवल एक ही रेडियोग्राफर के जिम्मे सौंपा हुआ है। जबकि कई केंद्रों में या तो एक्सरे मशीन मौजूद नहीं है और अगर लाखों की लागत से लगाई गई है तो खराब पड़ी हुई है। जिससे संबंधित इलाकों से केंद्रों में एक्सरे के लिये पहुंचने वाले मरीजों को भटकना पड़ता है और उसके बाद मजबूरन प्राइवेट सेंटरों पर एक्सरे करवाने पड़ रहे है।
जहां मरीजों से मोटी रकम वसूली जाती है। लेकिन संबंधित विभाग की ओर से मरीजों की समस्या को दूर करने के लिये कोई कदम नहीं उठाएं जा रहे है।
ये है हालात
दरअसल, सभी सीएचसी केंद्रों में रेडियोग्राफर की कमी चल रही है। ऐसे में अंबाला व शहजादपुर अस्पताल में एक-एक रेडियोग्राफर मौजूद है, लेकिन अंबाला की रेडियोग्राफर काफी समय से मेडिकल पर चल रही है। जबकि शहजादपुर में एक मात्र रेडियोग्राफर अपनी सेवाएं दे रहा था। जिसे संबंधित विभाग की ओर से सप्ताह में चार दिन अंबाला व शहजादपुर में तीन एक्सरे मशीन को ऑपरेट करने के लिये लगाया गया है।
ऐसे में हालत यह हो गई है कि शहजादपुर केंद्र में केवल सप्ताह के लिये तीन दिन ही मरीजों को एक्सरे मशीन का लाभ प्राप्त होता है। परंतु अन्य दिन मरीजों को एक्सरे के लिये इधर उधर भटकना पड़ता है।
यह स्थिति है मशीनों की
1. मुलाना सीएचसी - अस्पताल में एक्सरे मशीन तो पड़ी हुई है, लेकिन पूरी तरह से कंडम हो चुकी है और ऑपरेटर भी नहीं है।
2. शहजादपुर सीएचसी - एक्सरे मशीन तो उपलब्ध है और रेडियोग्राफर भी है, लेकिन उसे सप्ताह में तीन दिन अंबाला भेजा जाता है। जिससे अन्य दिन मरीज परेशान होते है
3. बराड़ा सीएचसी - मरीजों के लिये एक्सरे मशीन तो है, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण उसे चलाया नहीं जा रहा है और न ही कोई ऑपरेटर है
4. चौड़मस्तपुर सीएचसी - एक्सरे मशीन ही नहीं है, ऐसे में मजबूरन मरीज आस पास के प्राइवेट सेंटरों से इलाज करवा रहे है।
रेडियोग्राफर की कमी चल रही है। जिस कारण एक्सरे मशीन नियमित तौर पर नहीं चलाई जा रही है। जल्द ही रेडियोग्राफर के पदों को भरा जाएगा। जो मशीन खराब है उसे दुरुस्त किया जाएगा। ताकि मरीजों को राहत मिल सके। -डॉ. विनोद गुप्ता, सीएमओ, अंबाला