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डीएपी के लिए लगने लगी कतारें

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खाद की दुकान के बाहर लाइन में लगे किसान। संवाद - फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। प्रदेश के अन्य जिलों की तरह यहां भी डीएपी का संकट न गहरा जाए, यह आशंका किसानों में लगातार बन रही है। इसी के चलते ही किसान अब अल सुबह से ही किसान सेवा केंद्रों पर जुटने लगे हैं। किसानों में खाद की मारामारी दिखाई देने लगी है। जिस किसान को 20 बैग की जरूरत है, 50 की मांग करने लगा है।
विभागीय अधिकारी दावा कर रहे हैं कि जिले में डीएपी का संकट नहीं होने दिया जाएगा। जिले में 16 हजार एमटी डीएपी की जरूरत है इसी माह 10 अक्तूबर से अब तक 8100 एमटी डीएपी आ चुकी है और बुधवार देर शाम तक भी 800 एमटी डीएपी पहुंचने की संभावना है। 31 अक्तूबर तक ढाई हजार एमटी डीएपी और पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।
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धान कटाई के बाद अब अन्य फसलों की बुआई का सीजन जोर पकड़ने लगा है। गेहूं की बुआई की तैयारी की जाने लगी है। इसी के चलते अभी तक प्रदेश के कई जिलों में डीएपी का संकट देखने को मिल रहा है। कई जगहों पर पुलिस की मौजूदगी में भी डीएपी बांटे जाने के मामले सामने आए हैं। यह देखकर जिले के किसानों की बेचैनी भी लगातार बढ़ने लगी है। इसी के चलते किसान सेवा केंद्र खुलने से पहले ही किसानों की लाइनें लगने लगी है।
कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. प्रदीप मिल का कहना है कि किसानों के समक्ष डीएपी की किल्लत नहीं आने दी जाएगी। अभी तक जरूरत अनुसार पर्याप्त डीएपी वितरित की जा चुकी है। स्टॉक भी पर्याप्त है और जल्द ही अगली खेप भी आने वाली है। किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि किसी किसान को दवा की जरूरत नहीं है तो उन्हें खाद के साथ यह लेने के लिए मजबूर नहीं होना है। विभाग की टीमें भी निगरानी कर रही है।
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भाकियू ने उपायुक्त को लिखा पत्र
शाहाबाद। इस समय गेहूं, आलू, सरसों आदि फसलों की बिजाई का कार्य पूरे जोरों पर है। किसानों को डीएपी, पोटाश, यूरिया खाद आदि की सख्त जरूरत है। आरोप है कि दुकानदारों किसानों की इस मजबूरी का फायदा उठाकर डीएपी समेत अन्य खाद ब्लैक में बेच रहे है। यह भारतीय किसान यूनियन चढूनी के मीडिया प्रभारी ने बताया कि ब्लैक का धंधा हर साल बदस्तूर जारी रहता है। किसान संगठन इसकी आवाज उठाते हैं तो दुकानदारों व कृषि एवं कल्याण विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों की इसका सारा दोष किसान संगठन लगा दिया जाता है। उन्होंने पत्र लिखकर उपायुक्त से मांग की है कि जल्द से जल्द खातों की कमी दूर की जाए। संवाद
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