कुरुक्षेत्र। श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय (एसकेएयू) कुरुक्षेत्र में सहायक प्रोफेसर भर्ती प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन तक शिकायत पहुंची है। एक अभ्यर्थी की ओर से भर्ती प्रक्रिया में कथित पक्षपात और नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कुलपति सहित संबंधित अधिकारियों को ई-मेल भेजी गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि भर्ती में निर्धारित पात्रता शर्तों, अनुभव मानदंड और परीक्षा प्रक्रिया का सही ढंग से पालन नहीं किया गया।
शिकायतकर्ता के अनुसार सहायक प्रोफेसर पदों की भर्ती में कुछ ऐसे अभ्यर्थियों को भी शामिल किया गया, जो आवश्यक शिक्षण अनुभव की शर्तों को पूरा नहीं करते थे। इसके अलावा, परीक्षा के प्रश्नपत्र, मूल्यांकन प्रक्रिया और अंकों के वितरण को लेकर भी संदेह जताया गया। वस्तुनिष्ठ परीक्षा के परिणाम असामान्य हैं और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
हालांकि, अगले ही दिन शिकायतकर्ता की ओर से एक और ई-मेल भेजकर पहले भेजी गई शिकायत को वापस लेने का अनुरोध किया गया। इस ई-मेल में कहा गया कि पूर्व में भेजी गई मेल त्रुटिवश अथवा अधूरी जानकारी के आधार पर भेजी गई थी। शिकायतकर्ता ने असुविधा के लिए खेद जताते हुए विश्वविद्यालय से अनुरोध किया कि उक्त ई-मेल को रिकॉर्ड से हटाया जाए और उस पर कोई कार्रवाई न की जाए। परिणाम से पहले प्रश्नपत्र और आंसर की जारी होने का मामला भी चर्चा में है।
मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय से जुड़े संस्थानों में भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि विश्वविद्यालय की ओर से पूरी जांच कर ली गई है। कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान का कहना है कि भर्ती प्रकिया पूरी पारदर्शिता से जारी है। पात्रता शर्तों, अनुभव मानदंड और परीक्षा प्रक्रिया को विज्ञापन से लेकर भर्ती से जुड़े पत्र पर उल्लेख किया गया। परीक्षा के बाद प्रश्नपत्र सार्वजनिक डॉक्यूमेंट है। उन्होंने आंसर की जारी होने पर कहा कि जो आंसर की परिणाम से पहले जारी हुई है विश्वविद्यालय की ओर से बनाई गई नहीं है। वह पुन: व्यवस्थित है।