ट्रेड यूनियनों और सर्वकर्मचारी संघ के आह्वान पर बुधवार को हुई राष्ट्रव्यापी हड़ताल का जिले में व्यापक असर देखने को मिला।
रोडवेज के पहिए लगभग पूरी तरह थम गए, तो बिजली विभाग, जनस्वास्थ्य आदि विभागों में ताले लटके दिखाई दिए। कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी भी बंद रही। बैंकों में कर्मचारी हड़ताल पर रहे, लेकिन अधिकारियों ने मोर्चा संभाले रखा। अन्य दिनों की अपेक्षा बैंकों में उपभोक्ता भी कम पहुंचे।
जिले में हड़ताल का सबसे ज्यादा असर बिजली विभाग, रोडवेज और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में नजर आया। हड़ताल के कारण रोडवेज को करीब 11 लाख रुपये का फटका लगा। बैंकों में करोड़ों रुपये का ट्रांजेक्शन भी प्रभावित हुआ।
जिला प्रशासन की रणनीति पर बुधवार को कर्मचारियों का विरोध भारी पड़ गया।
प्रशासन ने रोडवेज की बसों के सफल परिचालन के लिए रात में ही सुरक्षा बल तैनात कर दिए थे। सुबह सवेरे पुलिस की मौजूदगी में बसों का परिचालन हुआ भी, लेकिन कर्मचारियों के विरोध के बाद यह भी बंद हो गया। कुरुक्षेत्र परिवहन डिपो और पिहोवा सब डिपो की कुल 186 बसों में से महज 17 बसें चलाई गईं।
हालांकि, जीएम रोडवेज का दावा है कि जिले में 70 बसों का परिचालन हुआ। रोडवेज को इस एक दिन की हड़ताल से करीब 11 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। सूत्रों की मानें तो कुरुक्षेत्र परिवहन को बसों के परिचालन से रोजाना करीब साढ़े 12 लाख रुपये की आमदनी होती है। हड़ताल से यात्रियों को भी परेशानी हुई।
केयू में लटके रहे ताले
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी (केयू) में बुधवार को हड़ताल का व्यापक असर दिखा। सूत्रों के अनुसार यूनिवर्सिटी में करीब 1470 में से 1450 कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
इस दौरान केयू का कामकाज पूर्ण रूप से ठप रहा। हड़ताल को सफल बनाने के लिए सुबह लगभग आठ बजे ही यूनिवर्सिटी की तीनों परीक्षा शाखा, प्रशासनिक शाखा, कला संकाय, विज्ञान संकाय, यूनिवर्सिटी कॉलेज, बीएड कॉलेज, बी.फार्मेसी, यूआईईटी, कुलपति और कुलसचिव कार्यालय, डीन बिल्डिंग आदि कार्यालयों और विभागों में तालेबंदी कर दी गई।
कुंटिया प्रेस सचिव यशपाल सैनी ने बताया कि यूनिवर्सिटी के किसी भी कार्यालय में कोई कर्मचारी नहीं रहा। कुंटिया ने हड़ताल के लिए यूनिवर्सिटी को सात जोन में बांटकर निरीक्षण के लिए ड्यूटियां भी लगाई थीं। हड़ताल में टेक्निकल कर्मियों ने भी भाग लिया।
बिजली विभाग की हुई ‘बत्ती गुल’
बिजली विभाग भी हड़ताल में पूरी तरह शामिल हुआ। बिजली विभाग के 95 प्रतिशत कर्मचारी हड़ताल पर रहे। काली कमली सब डिवीजन, पिपली सब डिवीजन, एसई कार्यालयों पर बिजली कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों को पूरा करने की मांग की।
उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कहीं पर बिजली की दिक्कत न आए, इसके चलते सभी अधिकारियों को स्टैंडिंग आदेश रहे और कई स्थानों पर अधिकारी भी दौड़ते नजर आए। जनस्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग समेत विभिन्न यूनियन भी हड़ताल में शामिल हुईं।
यूनिवर्सिटी, एनआईटी मैस कर्मियों का भी प्रदर्शन
केयू हॉस्टल मैस वर्कर यूनियन और एनआईटी मैस कल्याण कर्मचारी संघ ने भी सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के विरोध में हड़ताल की।
इस दौरान अपने-अपने क्षेत्रों में दोनों संगठनों ने रोष मार्च निकाला और नारेबाजी की। केयू मैस यूनियन की ओर से अध्यक्ष रामप्रकाश पाल और महासचिव सुभाष पारचा ने विचार व्यक्त किए। एनआईटी मैस संघ के अध्यक्ष भाग सिंह, महासचिव मेघ सिंह, अर्जुन सिंह ने कर्मचारियों के समक्ष अपनी बात रखी।
बैंकों में भी रहा कामकाज ठप
राष्ट्र व्यापी हड़ताल का असर बैंकों में भी साफ दिखा। जिले के सरकारी बैंकों स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, ओबीसी बैंक, पंजाब नेशनल बैंक समेत अन्य बैंकों में कर्मचारियों की संख्या न के बराबर रही। अधिकतर बैंकों में कर्मचारी हड़ताल पर रहे, जबकि अधिकारियों ने बैंकिंग की।
हड़ताल के कारण आम दिनों की अपेक्षा बैंकों में लोगों की संख्या कम रही। केनरा बैंक के मैनेजर अमिताभ चौधरी का कहना था कि जिले में नौ ब्रांच हैं। इसमें कार्यरत करीब 100 क्लेरिकल स्टाफ छुट्टी पर रहा।
एलआईसी में रही हड़ताल
उत्तरी जोन बीमा कर्मचारी संघ ने बुधवार को भारतीय जीवन बीमा कार्यालय के सामने अपनी मागों को लेकर हड़ताल की। कर्मचारियों ने कहा कि 2012 के बाद अब तक कार्यरत कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी नहीं की गई है, 1995 से जिन कर्मचारियों ने पेंशन स्कीम नहीं ली है, उन्हें एक और मौका दिया जाए, क्लास तृतीय और चतुर्थी ग्रेड के कर्मचारियों की भर्ती की जाए, बढ़ती महंगाई को रोका जाए, बंद कारखाने चालू किए जाएं, पूंजी प्रधान की बजाए गरीब तबके को आगे बढ़ाया जाए, नए कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए, वैट रिविजन पर वार्ता शुरू की जाए।
इस दौरान एलआईसी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रामकुमार, शाखा सचिव अमीचंद अरोड़ा, सहसचिव चरण सिंह राणा, नरेश कुमार, राजबाला, बबीता, रश्मि, अंजू, कान्ता आदि मौजूद रहे।
ये रहे हड़ताल के मुद्दे
रोड ट्रांसपोर्ट एंड सेफ्टी बिल को वापस लेना, सार्वजनिक क्षेत्रों के निजीकरण को बंद करना, आउटसोर्सिंग और ठेका प्रथा पर रोक लगाई जाए, श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी बदलाव बंद कराने, शिक्षा के स्तर में सुधार करके सभी को सस्ती शिक्षा उपलब्ध कराना, सरकारी विभागों में रिक्त पड़े लाखों पदों पर बेरोजगारों युवकों को स्थाई रोजगार उपलब्ध कराना आदि मुख्य मुद्दे है।
केंद्र सरकार देश के वर्तमान मोटर व्हीकल एक्ट 1988 को बदलकर सुरक्षा के नाम पर नया रोड़ ट्रांसपोर्ट एंड सेफ्टी बिल 2015 लेकर आ रही है।
बीएमएस का दावा प्रदेश में चलीं 75 प्रतिशत बसें
प्रदेश में हड़ताल का कोई खास असर देखने को नहीं मिला है। हरियाणा में 75 प्रतिशत सरकारी बसें अपने अपने रूटों पर गई हैं।
हरियाणा परिवहन कर्मचारी संघ संबधित भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष आजाद सिंह मलिक ने कुरुक्षेत्र नए बस अड्डे पर बताया कि उनका संघ इस हड़ताल का विरोध करता है। सरकार ने रोडवेज कर्मचारियों की सभी मांगें मान ली हैं, तो हड़ताल का कोई कारण नहीं रहता।
प्रदेश में हड़ताल कुछ लोगों ने ओछी राजनीति के चलते की है। मलिक ने बताया कि प्रदेश में रोडवेज विभाग की बसें चली हैं। हाईवे पर किसी भी यात्री को परेशानी नहीं आई है।
संघ के प्रदेश महासचिव सतपाल रोहिला ने बताया कि उनके संघ ने प्रदेश के कई जिलों में दौरा किया है। सभी जिलों में कुछ बसें चली हैं। किसी भी यात्री को परेशानी नहीं हुई है। उन्होनें बताया कि सरकार ने उनकी सभी मागें मान ली हैं, जिसका नोटिफिकेशन जल्द जारी हो जाएगा। इसलिए आज की गई हड़ताल गलत है।
- रोडवेज की 50 में से 8 बसें गई रूटों पर
फोटो समाचार
02केयूआरपी- 21 पिहोवा में जनस्वास्थय विभाग के कर्मी हड़ताल में नारेबाजी करते हुएहड़ताल का रहा इलाके में मिलाजुला असर
पिहोवा में 50 में से 8 बसें चलीं
पिहोवा। रोडवेज कर्मचारी, जनस्वास्थय विभाग, बिजली विभाग, नपा कर्मियों ने सर्वकर्मचारी संघ के बैनर तले राष्ट्रव्यापी हड़ताल में हिस्सा लिया। हड़ताल के के चलते पुलिस उपाधीक्षक चंद्रपाल के नेतृत्व में पुलिस फोर्स तैनात रही। इस दौरान रोडवेज की कुछ बसें रूट पर दौड़ती नजर आईं।
रोडवेज कर्मचारी यूनियन महासंघ के प्रधान निशान सिंह ने कहा कि सरकार तुरंत प्रभाव से उनकी मांगों को पूरा करें। राष्ट्रव्यापी हड़ताल के बावजूद कुछ रोडवेजे कर्मचारी निजी फायदे के लिए बसें चला रहे हैं। बस स्टैंड सुपरवाइजर मोहन लाल ने बताया कि पिहोवा डिपो की 50 में से करीब आठ बसे अपने रूटों पर गई है। बिजली विभाग में भी काम सुचारु चला। विभाग के एसडीओ एमएस धीमान ने बताया कि कार्यालय मे काम सुचारु से चला। जनस्वास्थ्य विभाग के लगभग 19 कर्मचारी ही हड़ताल में शामिल हुए। इसी प्रकार नपा कर्मचारियों की भी हड़ताल रही। हड़ताल मे इंटक प्रधान प्रकट सिंह, कुलबीर सिंह, जसबीर सिंह, महासंघ प्रधान कांशी राम, रोहताश, प्रेम आदि रोडवेज कर्मचारी शामिल हुए। सर्वकर्मचारी संघ के प्रधान राजकुमार, ब्लाक सचिव बलवान मोर, सहसचिवबलजीत सिंह, राजकुमार सैनी, आनंद सिंह, जनस्वास्थ्य विभाग से प्रधान दलबीर सिंह, रामतेज, देवा सिंह, बालधारी हरभजन सिंह, सिंचाई विभाग से प्रधान जयपाल, बीरचंद, पालाराम, शिव कुमार, चंद्रभान, नगरपालिका से जयभगवान, ईशम सिंह, बलराम, रोशन लाल, सत्यवान, बिजली बोर्ड से प्रधान हरनाम सिंह, यूनिट सेक्रेटरी बुधप्रकाश, कृष्ण कुमार, जसमेर, रमेश, टूरिजम विभाग से प्रधान खजान सिंह आदि कर्मचारियों ने हड़ताल में भाग लिया।
हड़ताल का लाडवा में दिखा असर
राष्ट्रव्यापी हड़ताल का लाडवा में व्यापक असर दिखा। हालांकि, रोडवेज की बसों के नियमित चलने से यात्रियों को ज्यादा परेशानी नहीं हुई। लाडवा में पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल कर्मचारी यूनियन से संबंधित सभी कर्मचारी हड़ताल पर रहे। ब्लॉक सचिव रोशन लाल, जिला सचिव अमरीक सिंह, छत्रपाल जैनपुर, सुखबीर लालर ने कर्मचारियों को संबोधित किया।
ऑल हरियाणा पावर कारपोरेशन वर्कर यूनियन के बैनर तले लाडवा सब यूनिट के कर्मचारियों ने हड़ताल में भाग लिया। इसमेें यूनिट प्रधान दौलत राम, राज कुमार, रमेश चंद, अवतार सिह, अशोक कुमार, समय सिंह आदि शामिल हुए।
ऑल हरियाणा अध्यापक संघ के सदस्यों ने खंड प्रधान जगदीप सिंह की अध्यक्षता में खंड शिक्षा कार्यालय में प्रदर्शन किया। अनाज मंडी में भवन निर्माण कामगार यूनियन ने हड़ताल की। प्रदर्शन की अगुवाई यूनियन के जिला प्रधान राम कुमार ने की। लाडवा के कई बैंक भी हड़ताल के चलते बंद रहे।
बाबैन में सफल रहा बंद
कस्बे से सब डिविजन पर आयोजित हड़ताल में कर्मचारियों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। हड़ताल की अध्यक्षता हरियाणा कर्मचारी महासंघ के ब्लॉक प्रधान विजय पाल ने की। केंद्र सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ कर्मचारियों ने प्रर्दशन किया।
यूनिट सचिव राम कुमार धीमान ने कर्मचारियों को संबोधित किया। इस मौके पर सब यूनिट प्रधान फुल सिंह, संदीप सैनी, सजीव कुमार, सुरेश कुमार, बलबीर सिंह, ओम प्रकाश, रामकुमार आदि मौजूद रहे। बाबैन अनाज मंडी में मजदूरों ने प्रर्दशन किया।
सीआईटीयू के जिला प्रधान भीम सिंह, ब्लॉक प्रधान राजकुमार, किसान सभा के जिला प्रधान प्रताप सिंह, जिला कोषाध्यक्ष राजेंद्र और किसान मौजूद थे।
इस्माईलाबाद में जनता हुई परेशान
एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का असर कई विभागों पर देखने को मिला। रोडवेज हड़ताल के चलते यात्री बुरी तरह प्रभावित हुए।
लोगों को अपने गंतव्य पर जाने के लिए प्राइवेट वाहनों का सहारा लेना पड़ा। रोडवेज के अलावा बिजली बोर्ड, मिड डे मील, आशा वर्कर्स और कुछ बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इससे कार्य प्रभावित हुआ।