केयू प्रशासन द्वारा अप्रैल से मई तक का सर्वेंट चार्ज लेने के विरोध में एसएफआई ने बुधवार को विवि परिसर में एकत्रित होकर प्रशासन के खिलाफ रोष व्यक्त किया। इस दौरान एसएफआई कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय की कार्यवाहक कुलपति और कुलसचिव के नाम ज्ञापन सौंपते हुए सर्वेंट चार्ज माफ करने की मांग की।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों से अप्रैल से मई तक का सर्वेंट चार्ज वसूल रहा है, लेकिन इन महीनों में विश्वविद्यालय पूरी तरह से बंद रहा। लॉकडाउन के चलते विद्यार्थी हॉस्टल में नहीं रहे। कहा कि लॉकडाउन के चलते विद्यार्थियों को बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि विवि प्रशासन मेस कर्मचारियों का वेतन स्वयं सरकार से संपर्क कर देना चाहिए। जिला संयोजक गगन ने बताया कि होली की छुट्टियों के दौरान से विद्यार्थी विश्वविद्यालय से अपने घर जा चुके थे। मार्च में केवल 7 तारीख तक होस्टल मेस चालू रही, जिसके बाद देश में कोरोना महामारी के चलते अब तक लॉकडाउन की स्थिति है। करीब 4 महीने घर पर रहने के बावजूद भी विश्वविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों से हॉस्टल का मेस सर्वेंट चार्ज वसूल रहा है जो सरासर गलत है।
विश्विद्यालय ने जारी नोटिस में 15 जुलाई तक हॉस्टल खाली करने को तथा बकाया राशि चुकाने के लिए विद्यार्थियों को आदेश दिए हैं। उन्होंने मांग की है कि जो विद्यार्थी दूर दराज के इलाकों से आते है या अन्य राज्यों से आते हैं उनको राहत दी जाए, तथा उनके सामान को हॉस्टल में ही रखने की सुविधा की जाए, ताकि जब स्थिति सामान्य हो, वे अपना सामान ले जा सकें।