हरियाणा के कुरुक्षेत्र में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के रसायन विभाग के प्रो. सोहन लाल को युवा वैज्ञानिक अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। यह कार्यक्रम सोमवार को दिल्ली में गलगोटियास विश्वविद्यालय में पर्यावरण एवं सामाजिक विकास संघ की ओर से आयोजित किया गया। संघ का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण को संरक्षित करने में सहयोग कर रहे लोगों का हौंसला बढ़ाना है।
प्रो. सोहन लाल ने पर्यावरण को दूषित करने में बढ़ रही गंभीर समस्या अपशिष्ट पॉलिथीन को पुन: प्रयोग में लाने के लिए शोध के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किया है। इन्होंने शोध किया कि अपशिष्ट पॉलिथीन के पुन: प्रयोग से पेवर ब्लॉक, कुर्सी या अन्य प्रयोग में आने वाली वस्तुओं का निर्माण किया जा सकता है, जिससे प्लास्टिक से होने वाला प्रदूषण भी कम होगा और उसे दोबारा से प्रयोग में भी लाया जा सकेगा।
युवा वैज्ञानिक अवॉर्ड शोध के क्षेत्र में कार्य करने वाले 40 साल से कम उम्र के शोधार्थियों को दिया जाता है। प्रो. सोहन कुमार को 37 साल की उम्र में शोध के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। इन्होंने अपशिष्ट पॉलीथिन को प्रयोग में लाने के लिए काम किया है तो वहीं प्राकृतिक अवयवों युक्त एंटीबायोटिक दवा बनाने का भी कार्य किया है और निरंतर शोध के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं।
प्रो. सोहन लाल का कहना है कि यह अवॉर्ड युवाओं को शोध के क्षेत्र में और पर्यावरण सरंक्षण को लेकर उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करता है और साथ ही और मेहनत करने के लिए प्रेरित भी करता है। उन्होंने बताया कि यह अवॉर्ड उन्हें चिपको आंदोलन की शुरुआत करने वाले पद्म भूषण चंडीप्रसाद भट्ट के हाथों मिला है, जिन्होंने पर्यावरण के क्षेत्र में बहुत कार्य किया है।