कुरुक्षेत्र। अब जेल के कैदी भी रेडियो जॉकी बन सकेंगे। इन कैदियों के लिए जिला कारागार में रेडियो स्टेशन लाने की योजना पर काम चल रहा है। इन कैदियों को तिनका-तिनका फाउंडेशन संस्थान की तरफ से बाकायदा प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके लिए जल्द ही कैदियों का ऑडिशन भी रखा जाएगा।
हरियाणा की जेलों में रेडियो लाने की संकल्पना डॉ. वर्तिका नंदा द्वारा की गई है। कुरुक्षेत्र रेडियो की तैयारी के तहत अब इन कैदियों को रेडियो के संचालन की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसी के तहत जेल में रेडियो स्टेशन के लिए एक विशेष कमरा तैयार किया जाएगा। जिला कारागार के अधीक्षक सोमनाथ जगत ने बताया कि कहा कि जेल में रेडियो लाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए कैदियों का ऑडिशन भी जल्द ही शुरू किया जाएगा। ऑडिशन और ट्रेनिंग का काम जेल सुधारक और तिनका-तिनका फाउंडेशन की संस्थापक डॉ. वर्तिका नंदा करेंगी।
उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि जिला जेल कुरुक्षेत्र की स्थापना जनवरी 1995 को हुई थी। इस समय जिला जेल में लगभग 670 बंदी है, जिनमें 32 महिला बंदी शामिल हैं। अब तक हरियाणा की जिन जेलों में रेडियो स्थापित हुआ है, वहां इसका प्रभाव काफी प्रशंसनीय रहा है। इससे बंदियों की संचार की जरूरतें पूरी होती हैं और वे एक नई प्रतिभा भी सीख पाते हैं। हरियाणा में कुल 19 जेल हैं, जिनमें से सात जेलों में पहले ही रेडियो लाया जा चुका है। कुरुक्षेत्र रेडियो की तैयारी के तहत अब इन बंदियों को रेडियो के संचालन की ट्रेनिंग दी जाएगी।