एलएनजेपी अस्पताल में दूसरी मंजिल स्थित कैदी वार्ड में उपचाराधीन बंदी और उसके परिजनों के साथ वहां तैनात गार्द द्वारा बुधवार देर रात शराब पीकर गाली गलौच करने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार उस वक्त वहां तैनात गार्द नशे में धुत था, जबकि चार अन्य पुलिसकर्मी भी गैर हाजिर मिले। बताया गया है कि बुधवार रात को एलएनजेपी अस्पताल के कैदी वार्ड में एक बंदी को पिछले कई दिनों से उपचार के लिए दाखिल करवाया गया था, जो बुधवार को कोरोना से संक्रमित पाया गया। वहीं आरोपी की जमानत हो गई थी।
इस आरोपित के जमानत के कागजात एलओ ने अस्पताल के बंदी वार्ड में पहुंचा दिए थे। इस बंदी का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव था, जिसे आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट करना था, मगर वहां तैनात दो पुलिस कर्मियों ने उसे वार्ड में शिफ्ट नहीं होने दिया और कहा कि उनके पास कागजात नहीं हैं। आरोपित के परिजनों का आरोप था कि दोनों पुलिस कर्मचारी शराब के नशे में थे। जिसे लेकर परिजनों ने इसकी शिकायत पुलिस थाने में दी। सूचना थर्ड गेट पुलिस चौकी प्रभारी धर्मबीर कौशिक मौके पर पहुंचे, लेकिन वे मामले को निपटाते का प्रयास करने लगे। इसे लेकर परिजनों ने इसकी शिकायत आला अधिकारियों को दी। स्वजनों का आरोप था कि बंदी वार्ड में तैनात पुलिस कर्मियों ने शराब पी हुई थी। जिनका मेडिकल भी कराया गया।
बताया जा रह है सभी छह पुलिस कर्मियों को सस्पेंड किया गया है। हालांकि पुलिस प्रशासन की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई। थर्ड गेट पुलिस चौकी प्रभारी धर्मबीर कौशिक ने बताया कि वह मौके पर पहुंचे थी। कैदी वार्ड में तैनात पुलिस कर्मियों का मेडिकल कराया गया था, लेकिन उक्त पुलिसकर्मियों पर हुई कार्रवाई की उन्हें सूचना नहीं। वहीं डीएसपी सिटी ने मामले के बारे में जानकारी न होने की बात कही। हालांकि पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी से भी संपर्क किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।