कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनुभव केंद्र परिसर में निर्मित पंचजन्य स्मारक का लोकार्पण किया। यह धर्मक्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक क्षण रहा।
करीब दो करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह स्मारक उस दिव्य शंख पंचजन्य की स्मृति में बनाया गया है जिससे भगवान श्रीकृष्ण ने महाभारत युद्ध आरंभ होने से पहले उद्घोष कर अर्जुन में उत्साह का संचार किया था। यह विशाल शंख लगभग 5 से 5.5 टन वजन और चार से पांच मीटर ऊंचा है। यह पंचजन्य भारत के सनातन संदेश धर्म और दिव्य ज्ञान की याद दिलाता है। इस पर श्रीमद्भगवद् गीता के 18 श्लोक अंकित किए गए हैं।
अष्टधातु से निर्मित दिव्य शंख का विराट स्वरूप अनुभव केंद्र परिसर में प्रवेश करते ही पर्यटक विशाल शंख की छटा देखकर अभिभूत हो उठते हैं। यह संरचना आधुनिक स्थापत्य शैली में निर्मित है जिसके डिजाइन में महाभारत कालीन आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक सौंदर्य को समाहित किया गया है। हरियाणा पर्यटन और कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की ओर से संयुक्त रूप से तैयार किए गए इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य ज्योतिसर को विश्व स्तरीय तीर्थ-स्थल के रूप में विकसित करना है।
इस मौके पर हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष और मुख्यमंत्री नायब सैनी सहित अन्य मंत्री मौजूद रहे।
प्रतिदिन होगा लेजर-लाइट शो
स्मारक के समीप निर्मित विशेष मंच पर प्रतिदिन संध्याकाल में थ्री डी मैपिंग लेजर-लाइट शो प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें पंचजन्य शंख का दिव्य कंपन, महाभारत युद्ध की पृष्ठभूमि, गीता उपदेश और श्री कृष्ण की लीलाओं को नवीन तकनीक से प्रदर्शित किया जाएगा। इससे आगंतुकों को ऐसा अनुभव होगा मानो वे उसी कालखंड में खड़े हों जब श्रीकृष्ण ने धर्म की रक्षा के लिए शंखनाद किया था।
श्रीकृष्ण संग्रहालय के क्यूरेटर श्री बलवान सिंह ने बताया कि कुरुक्षेत्र में पंचजन्य स्मारक का निर्माण, कुरुक्षेत्र की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर को पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने वाला एक अद्वितीय प्रतीक बनेगा। पंचजन्य वही दिव्य शंख है, जिसे भगवान श्रीकृष्ण ने महाभारत युद्ध के आरंभ में ध्वनित किया था। पंचजन्य शंख को विजय, धर्म की स्थापना और अधर्म के विनाश का प्रतीक माना जाता है। पंचजन्य स्मारक हर यात्री के लिए अध्यात्म, इतिहास और तकनीक का एक अद्वितीय संगम प्रस्तुत करेगा।