इस्माईलाबाद। शहर का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इन दिनों डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है, जिससे न केवल इस्माईलाबाद बल्कि आसपास के 20 से 25 गांवों के मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में दो मुख्य चिकित्सक व एक डेंटल डॉक्टर के पद स्वीकृत हैं लेकिन पिछले करीब पांच साल से एक मुख्य चिकित्सक और पिछले छह महीनों से डेंटल डॉक्टर का पद खाली है। इस समय केवल एक डॉक्टर के भरोसे पूरा अस्पताल चल रहा है।
गर्मी के इस मौसम में जहां मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, वहीं डॉक्टरों की अनुपलब्धता लोगों के लिए संकट बन गई है। रोजाना करीब 250 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं लेकिन सीमित स्टाफ के कारण उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है या फिर मजबूरी में महंगे प्राइवेट अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।
स्थानीय निवासी पंकज, सौरव, अनिल, संतोष, मयंक, सुनील, मनदीप, प्रदीप सहित कई लोगों ने बताया कि इस अस्पताल की जिम्मेदारी 25 हजार से अधिक लोगों की स्वास्थ्य सेवाओं पर है, जिनमें पंजाब सीमा से सटे गांव भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त पिहोवा से अंबाला के बीच नेशनल हाईवे पर यह एकमात्र सरकारी स्वास्थ्य केंद्र है, जो आपातकालीन सेवाओं के लिए भी अहम भूमिका निभाता है।
लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री द्वारा पीएचसी को सीएचसी में अपग्रेड करने की घोषणा तो की गई थी लेकिन उसके बाद स्टाफ बढ़ाने के बजाय घटा दिया गया। इससे स्वास्थ्य सेवाएं और ज्यादा चरमरा गई हैं। स्थानीय लोगों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से अपील की है कि जल्द से जल्द डॉक्टरों की नियुक्ति की जाए ताकि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसा कायम रह सके और मरीजों को प्राइवेट अस्पताल के चक्कर न काटने पड़ें।
जल्द स्टाफ की कमी होगी दूर : डॉ. गुरमीत
सीएचसी झांसा के एसएमओ डॉ. गुरमीत चावला ने बताया कि उन्होंने हाल ही में चार्ज संभाला है और इस्माईलाबाद पीएचसी में डॉक्टरों की कमी की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा दी जाएगी। आश्वासन दिया कि जल्द ही स्टाफ की कमी को दूर किया जाएगा और मरीजों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।