कुरुक्षेत्र/इस्माईलाबाद। गांव जिबहरहेड़ी में एक व्यक्ति की मौत के बाद पुलिस ने शव उस समय कब्जे में ले लिया जब परिजन व ग्रामीण अंतिम संस्कार की तैयारी में थे। पुलिस को धमकी के कारण मौत होने की सूचना मिली थी।
इसलिए उन्होंने अर्थी से शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए लोकनायक जयप्रकाश जिला नागरिक अस्पताल पहुंचाया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद अंतिम संस्कार किया गया।
वहीं पुलिस ने मामले की जांच भी शुरू कर दी है। मामला 11 जुलाई का है, जिसमें पुलिस के मुताबिक करीब 55 वर्षीय बलदेव सिंह की अचानक हालत गंभीर होने के चलते एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां से चिकित्सकों ने उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया, जहां 17 जुलाई को उनकी मृत्यु हो गई। बताया जा रहा है कि उनके दिमाग की नस फट गई थी।
बलदेव सिंह की मृत्यु के बाद शुक्रवार को उसके शव का अंतिम संस्कार करने की तैयारी कर ली गई थी। तभी डायल 112 पर पुलिस को किसी ने सूचना दे दी। यह भी बताया कि बलदेव सिंह की मृत्यु गांव के एक पूर्व सरपंच द्वारा कथित तौर पर धमकाने के कारण हुई।
सूचना मिलते ही झांसा पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों से चर्चा की तो उनकी सहमति से शव को कब्जे में लिया। मृतक की पत्नी ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उनके पति और पूर्व सरपंच के बीच कुछ समय से विवाद चल रहा था। 10 जुलाई को बलदेव को धमकाया गया था, जिसके तनाव के कारण उनकी दिमाग की नस फट गई। पुलिस ने इस आधार पर जांच शुरू कर दी है। उधर पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक डॉ. गौरव कौशिक ने बताया कि बलदेव सिंह की मृत्यु दिमाग की नस फटने व किसी बीमारी के कारण हो सकती है।
पैनल के चिकित्सकों के साथ इसकी पूरी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। मृत्यु के सही कारणाें का पता तो रिपोर्ट तैयार होने पर ही चल सकेगा। वहीं थाना प्रभारी गुलाब सिंह ने बताया कि परिजनों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की जांच की जाएगी। संवाद