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यहां ताल तो है पर 'द्रोणाचार्य' नहीं

Tue, 02 Jun 2015 01:18 AM IST
कुरुक्ष्ाेत्र/अमर उजाला ब्यूरो
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कोच, लाइफ सेवर, मशीन मैन, क्लीनर और स्वीपर ने होने से केयू स्थित स्विमिंग पुल एक माह से बंद है और उस पर ताले लगे हुए हैं।
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पिछले कई वर्षों से यहां स्विमिंग का स्थाई कोच तक नहीं है। बता दें कि पिछले कई दशकों से केयू के स्विमिंग पुल को खिलाड़ियों के अलावा हर आयु वर्ग के लोगों, केयू स्टाफ, महिलाओं के लिए एक मई से 30 जून तक चार शिफ्ट में स्विमिंग और तैराकी सिखाने के लिए खोला जाता है।

वहीं जुलाई महीने में साफ सफाई और अन्य व्यवस्था दुरुस्त कराए जाने के बाद अगस्त से अक्तूबर तक केयू का स्विमिंग पुल तैराकी के खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध कराया जाता है। वहीं स्विमिंग पुल पर ताला लटके होने से खिलाड़ियों और स्विमिंग में रुचि रखने वालों में गुस्सा है।
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स्वीमिंग सीखने के संबंध में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए विद्यार्थी, अभिभावक और अन्य लोग स्विमिंग पुल के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन ताला जड़ा होने से रोजाना निराश होकर लौट जाते हैं।

अमर उजाला ने जब कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के खेल निदेशक अर्जुन अवार्डी डॉ. दलेल सिंह से बात की तो उन्होंने बताया कि चार वर्ष पहले केयू के स्विमिंग पुल के लिए अनुबंध पर कोच नियुक्त किया गया था। छह माह पहले सरकारी नौकरी लगने के कारण कोच का यह पद रिक्त हो गया।

उन्होंने माना कि स्टाफ न होने से फिलहाल करोड़ों रुपये से तरणताल के लिए की गई ये व्यवस्था अनुपयोगी साबित हो रही है। डॉ. सिंह के मुताबिक ऐसा पहली बार हुआ है,जब कर्मचारियों की कमी के कारण पूरे मई माह में स्विमिंग पुल बंद रहा हो।

उन्होंने उम्मीद जताई की जल्द हरियाणा खेल विभाग की मदद से केयू के स्विमिंग पुल पर कोच की अस्थाई व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए उन्होंने हरियाणा खेल विभाग के निदेशक से इस समस्या का हल करने के लिए बात की है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द केयू को अस्थाई रुप से कोच उपलब्ध कराया जाएगा।

स्विमिंग व तैराकी सीखने के इच्छुक केयू की छात्राओं और टीचिंग-नान टीचिंग के महिला स्टाफ के लिए स्विमिंग पुल तो है,लेकिन तैराकी सीखने में रुचि रखने वाली महिलाओं के लिए यहां कोच की व्यवस्था नहीं है।

ये हालात तब है जब पिछले दिनों हरियाणा के खेल मंत्री अनिल विज के यूनिवर्सिटी में आगमन पर केयू ने बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ और बेटी खेलाओ का नारा बुलंद किया था। आज तक महिलाओं के लिए कोच की व्यवस्था ना होने के बाद ऐसे नारों का क्या वजूद होगा अंदाजा लगाया जा सकता है।

दो माह के लिए मिलेगा उधार का कोच
केयू के खेल निदेशक डा. दलेल सिंह के समक्ष कोच व अन्य स्टाफ न होने के कारण तैराकी में रुचि रखने वालों की समस्या से अवगत कराया तो उन्होंने हरियाणा खेल विभाग पंचकूला में फोन कर संपर्क किया।

फोन पर हुई बातचीत के बाद डॉ. दलेल सिंह ने बताया कि हरियाणा के खेल विभाग ने भिवानी के स्विमिंग कोच संदीप सिंह को केयू में दो माह के लिए अस्थाई तौर पर सेवा देने का आदेश जारी किया है, लेकिन उधार के कोच के जाने के दो माह बाद स्विमिंग पुल में खिलाड़ियों के लिए कोच की व्यवस्था कैसे होगी? इसके बारे में कोई नहीं जानता।

आउट सोर्सिंग स्टाफ हटने का असर यहां भी
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी द्वारा हटाए जा चुके करीब 1400 आउट सोर्सिंग स्टाफ के हटने का असर केयू के  अन्य विभागों के साथ-साथ स्विमिंग पुल पर भी पड़ा है।

गौरतलब है कि स्विमिंग पुल में आउट सोर्सिंग के तहत लगाए गए क्लीनर, स्वीपर, लाइफ सेवर और स्विमिंग पुल का फिल्टर प्लांट चलाने वाले मशीन मैन के पद भी खाली पड़े हैं।

इनमें लाइफ सेवर की नियुक्ति के लिए केयू से एप्रूवल मिल चुकी है,जबकि मशीन मैन के पद से प्रमोट होकर क्लर्क बन चुके कर्मचारी का पद भी अभी खाली पड़ा है।

केयू को डीसी रेट पर नहीं मिला स्विमिंग कोच
लगभग पूरा मई महीना गुजर जाने के बाद केयू प्रशासन ने स्विमिंग पुल पर खाली पड़े स्विमिंग कोच के पद को भरने के लिए डीसी रेट पर तैराकी के लिए प्रशिक्षक रखने की योजना बनाई थी।

इसके लिए केयू प्रशासन ने समाचार पत्र में विज्ञापन भी दिया था,लेकिन दिहाड़ी पर कोच बनने के लिए किसी ने आवेदन नहीं किया,इसकी पुष्टि केयू के खेल निदेशक ने की है।
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उन्होंने बताया कि स्थाई नियुक्तियों पर प्रतिबंध लगा होने के कारण केयू प्रशासन ने 14 हजार रुपए में डीसी रेट पर स्विमिंग कोच रखने की एप्रूवल दी थी,लेकिन विज्ञापन देने के बाद अभी तक किसी का आवेदन प्राप्त नहीं हुआ।
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