कुरुक्षेत्र। शहरी सरकार में चौधर हासिल करने के लिए लंबे समय से प्रयास में जुटे अनेक लोगों के समीकरण उस समय बिगड़ गए जब नगर निकाय विभाग ने विभिन्न वार्डों को आरक्षित कर दिया।
इस बार 32 वार्डों में चुनाव होने हैं, जिसकी तैयारी के चलते वार्डबंदी के साथ-साथ विभिन्न श्रेणी में 16 वार्डों को आरक्षित कर दिया गया है, जिसकी अधिसूचना जारी होते ही जहां कई लोगों के चेहरे पर मायूसी छा गई तो कई के चेहरे खिल उठे हैं।
खुद को संभावित प्रत्याशी मानकर तैयारी में जुटे कई लोगों को वार्ड आरक्षित होने के बाद नए अपनी लालसा को दबाना पड़ रहा है तो वहीं कई ने वार्ड आरक्षित होते ही अपनी चुनावी तैयारी शुरू कर दी है। यहां तक कि नई वार्डबंदी पहले ही कई ऐेसे लोगों के समीकरण बिगाड़ चुकी थी।
बता दें कि आठ साल सात माह बाद नगर परिषद के चुनाव होने हैं, इसके लिए नगर परिषद प्रशासन पिछले करीब दो साल से जुटा है। पिछले माह ही इन तैयारियों के बीच नई वार्डबंदी को अंतिम रूप देते हुए 32 वार्ड तय किए गए। अब तक 31 वार्डों में ही शहर बंटा हुआ था। अब 32 में से 16 वार्ड विभिन्न श्रेणियों में आरक्षित कर दिए गए हैं। बता दें कि नगर परिषद की प्रधानी अनुसूचित जाति महिला वर्ग के लिए आरक्षित होने के चलते भी कई को बड़ा झटका है।
वार्ड 26-27 के पार्षद रहे पति-पत्नी
बता दें कि शहर के वार्ड नंबर 26 व 27 बेहद चर्चा में रहे हैं। वार्ड 27 से संदीप टेका पूर्व पार्षद थे। वह विपक्षी पार्टी के दिग्गज नेता रहे हैं। पहले यह वार्ड सामान्य था लेकिन अब अनुसूचित जाति (एससी) आरक्षित हो गया है। वहीं वार्ड नंबर 26 से उनकी धर्मपत्नी नवनीत टेका पूर्व पार्षद रही है। वहीं वार्ड नंबर 16 से सविता गर्ग पूर्व पार्षद है। अब यह वार्ड एससी महिला के लिए आरक्षित हो गया है। यही नहीं वार्ड नंबर 21 भी महिला के लिए आरक्षित हो गया है। यहां से पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा के बड़े भाई मुकंद लाल अरोड़ा पूर्व पार्षद हैं। वार्ड नंबर 30 पिछड़ा वर्ग (क) के लिए आरक्षित हो गया है। यहां से पूर्व पार्षद रेखा रानी हैं।