कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय ध्यान दिवस पर पुलिस लाइन के ध्यान कक्ष में पुलिसकर्मियों को ध्यान लगाना सिखाया गया। पिरामिड मेडिटेशन सेंटर (पीएमसी) की ओर से ध्यान प्रशिक्षक डॉ. रमा ने पुलिसकर्मियों को ध्यान लगाने का प्रशिक्षण दिया साथ ही ध्यान लगाने और योग करने के प्रति जागरूक किया और उसके फायदे भी बताए।
पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला ने बताया कि आजकल हर किसी के जीवन में कोई न कोई चिंता और तनाव जरूर है। ये चिंता हमारे शरीर पर हावी होने लगती है और कई बीमारियों का कारण बन जाती है। इसलिए रोजाना कुछ मिनट ध्यान करने से इसे काफी हद तक कम किया जा सकता है। ध्यान लगाना तनाव दूर करने के लिए सबसे उत्तम साधन है। ध्यान सिर्फ योग नहीं है, बल्कि जीवन को शांतिपूर्ण, दया भावना और मानसिक शांति के साथ बिताने की एक कला है। इस कला को जानने वाला बहुत खूबसूरत तरीके से अपना जीवन व्यतीत करता है।
बताया कि ध्यान आपके मन को शांत करता है। भावनात्मक जागरूकता, दया, करुणा, सहानुभूतिपूर्ण आनंद और मानसिक शांति प्रदान करता है। लगातार ध्यान करने से हमारे अंदर के विचारों की स्पष्टता आती है। दूसरों के प्रति दया और करुणा की भावना बढ़ती है। कई रिसर्च में ये सामने आ चुका है कि रोजाना ध्यान करने से तनाव और चिंता को कम किया जा सकता है। इस मौके पर पीएमसी की ओर से सुदेश, राजपाल, रानी समेत पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
तनाव दूर करने में करेगा मदद
डॉ. रमा ने बताया कि चिंता से निपटने के सबसे प्रभावी तरीके में एक माइंडफुलनेस-आधारित ध्यान का अभ्यास करना है। माइंडफुलनेस मेडिटेशन में हमारे वर्तमान क्षण और उस क्षण में शामिल विचारों, स्थितियों और अनुभवों पर पूरी तरह से ध्यान केंद्रित करना शामिल है। ध्यान में सांस से जुड़े व्यायाम, योग और पाठ शामिल हैं जो आपको अपने शरीर की संवेदनाओं, विचारों और भावनाओं के बारे में जागरूक करने में मदद करते हैं। इससे न सिर्फ हर रोज के तनाव को कम किया जा सकता है, बल्कि तनाव जैसी किसी चीज की लत और विकार को कम किया जा सकता है।