कुरुक्षेत्र। गोली लगने से घायल बदमाश जिला नागरिक अस्पताल में उपचाराधीन। संवाद
कुरुक्षेत्र। मिट्टी डलवाने के बहाने 31 मई को खनन कारोबारी सुनील भाटिया को गोली मारने वाले बदमाशों ने सोमवार को पुलिस हिरासत से फरार होने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस की ओर से की गई फायरिंग में दोनों की टांगों में गोली लगी। इससे वे घायल हो गए। बाद में जिला नागरिक अस्पताल में उपचाराधीन कराया गया।
मामले के मुख्य आरोपी रोबिन उर्फ मोनू निवासी शहजादपुर और मुख्य शूटर अमन निवासी बड़ोत जिला करनाल को दो जून को पुलिस ने काबू कर लिया था। सोमवार को सीआईए वन की टीम उन्हें लेकर निशानदेही के लिए पिपली बस अड्डे के पीछे पहुंची थी जहां उनके द्वारा हथियार छिपाए जाने की जानकारी पुलिस के सामने आई थी। सीआईए-1 के इंचार्ज प्रतीक कुमार ने बताया कि मामले में पकड़ गए आरोपियों का रिमांड चल रहा है। इसी दौरान इन्होंने माना कि वारदात के बाद हथियार छिपा दिए थे।
इसी के चलते पुलिस टीम मोनू और अमन को हथियार की निशानदेही के लिए पिपली बस स्टैंड के पीछे लेकर आई थी। टीम ने उनसे छुपाए हथियारों की निशानदेही करवाई तो दोनों ने उसी से टीम पर फायरिंग कर दी। आरोपी फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश करने लगे। टीम ने उनको रोकने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई के दौरान रोबिन उर्फ मोनू और अमन के पैर में गोली लगी, जिससे वे घायल हो गए। उसके बाद दोनों को काबू कर लिया गया।
घायल आरोपियों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शाहाबाद के माइनिंग कारोबारी सुनील भाटिया पर रोबिन उर्फ मोनू ने पुरानी रंजिश में हमला करवाया था। उसी ने अपने जीजा विजय और तुर्की में अपने भाई साहिल और यूके में एक दोस्त की मदद से साजिश रची थी। संवाद