नरवाना ब्रांच नहर पर सर्च अभियान चलाती पुलिस व गौताखोर
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सोमवार को राजकीय प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले चौथी कक्षा के 10 वर्षीय छात्र गुरमीत उर्फ अमृत का वीरवार देर शाम तक भी कोई सुराग नहीं लग सका था। चौथे दिन भी अमृत की तलाश जारी रही। इधर नहर पर चले सर्च अभियान के दौरान करीब 36 किलोमीटर तक गोताखोर अमृत की तलाश में जुटे रहे। बताया गया है कि वीरवार को पुलिस की मौजूदगी में गोताखोरों ने जिस जगह पर अमृत को नहर में फेंका गया था, वहां से 36 किलोमीटर दूर तक 7 गांवों और नरवाना ब्रांच के 19 पुलों के आसपास सर्च अभियान चलाया। बता दें कि कल तक उक्त मामले में मुख्य आरोपी जस्सा ने पुलिस को गुमराह कर अमृत को स्कूल से ले जाकर एसवाईएल नहर में फैंकने के बारे में जानकारी दी थी। बाद में पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी पंजाब के समाना निवासी 21 वर्षीय अक्षय उर्फ जस्सा ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने अमृत को उसने अपहरण के बाद नरवाना में फेंका था। जस्सा की निशानदेही पर पुलिस ने उक्त नहर में सर्च अभियान चलाया। वीरवार देर शाम तक उसका कोई सुराग नहीं लगा। सर्च अभियान के दौरान डीएसपी अजय राणा,चार गोताखोर और अमृत के परिवार के सदस्य एवं रिश्तेदार नहर के किनारे मौजूद रहे।
रिमांड पूरा,अब युवती न्यायिक हिरासत में
इस मामले में जिस युवती को पुलिस रिमांड पर लिया गया था,उसे वीरवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां उसे आगामी आदेशों तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। अमृत प्रकरण में पुलिस रिमांड पर ली गई युवती से पुलिस को कोई ठोस जानकारी हासिल नहीं हुई। हालांकि पुलिस रिमांड के दौरान हुई पूछताछ में युवती से उक्त मामले में क्या महत्वपूर्ण जानकारी मिली ? इसका अधिकारिक रुप से खुलासा अभी तक पुलिस ने नहीं किया है। हालांकि डीएसपी अजय राणा का कहना है कि उपरोक्त प्रकरण से संबंधित युवती से कोई जानकारी हासिल नहीं हुई है,जबकि चार दिन के पुलिस रिमांड पर चल रहे जस्सा से पूछताछ जारी है।
जस्सा की बाइक और कपड़े पंजाब से बरामद
यह चर्चा आम है कि प्रेम प्रसंग और आपत्तिजनक स्थिति में देखने जाने के कारण नन्हें अमृत को नहर में फेंकने का षड्यंत्र रचा गया था। हालांकि इस पूरे प्रकरण पर पुलिस द्वारा अधिकृत रुप से खुलासा नहीं किया है। इधर पुलिस रिमांड पर चल रहे जस्सा से पूछताछ में जहां अमृत को नहर में किस जगह पर फेंका गया था यह जानकारी पुलिस द्वारा दी गई है, वहीं डीएसपी अजय राणा ने बताया कि है कि वारदात में उपयोग की गई मोटर साइकिल और जस्सा के कपड़ों को भी पुलिस ने पंजाब से बरामद किया है।
ये है पूरा मामला
सोमवार को अमृत के दादा उसे छोटे भाई के साथ राजकीय प्राथमिक विद्यालय मिर्जापुर के गेट तक छोड़ कर गये थे। इसके बाद छोटा भाई क्लास में चला गया था, जबकि अमृत वहां से कहां गया,किसी को नहीं पता चला। स्कूल स्टाफ को ये जानकारी तब लगी, जब उसका छोटा भाई क्लास में रोने लगा। इसके बाद अमृत की कई जगह तलाश की गई। पुलिस को भी सूचित किया। पुलिस ने जांच के दौरान स्कूल से 400 मीटर की दूरी पर एक दुकान के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को देखा तो अमृत एक मोटर साइकिल पर बैठकर जाते हुए दिखाई दिया था। मोटर साइकिल चालक की पहचान अमृत के पड़ोसी के पंजाब निवासी रिश्तेदार जस्सा के रुप में हुई थी। पुलिस ने जस्सा को हिरासत में लिया था तो उसने पुलिस पूछताछ में उसने अमृत को नहर में फेंक दिया था।