कुरुक्षेत्र। शहीद स्मारक पर पुष्प-चक्र अर्पित कर शहीद जवानों को श्रद्धाजंलि देते पुलिस अधीक्षक
कुरुक्षेत्र। जिला पुलिस की ओर से पुलिस लाइन स्थित शहीद स्मारक पर मंगलवार को स्मृति दिवस एवं पुलिस फ्लैग डे मनाया गया। इस अवसर पर देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले सभी शहीद जवानों को याद कर श्रद्धांजलि दी गई।
पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल ने शहीद स्मारक पर पुष्प-चक्र अर्पित कर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। सलामी गार्द की ओर से शहीद जवानों को सलामी दी गई। पुलिस जवानों ने शहीदों की याद में दो मिनट का मौन धारण किया। शहीदों को नमन करते हुए राष्ट्रीय ध्वज व हरियाणा पुलिस के ध्वज को आधा झुकाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। जिला पुलिस के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने परेड में भाग लिया। इस अवसर पर अपनी ड्यूटी ईमानदारी से निभाते हुए अपने प्राणों की बलि देने वाले पुलिस के शहीद सिपाही गुरमेज सिंह की पत्नी अमरजीत कौर व शहीद हवलदार करनैल सिंह के भाई अमरेश सिंह को शाॅल भेंट कर सम्मानित किया गया।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि शहीद हमारे लिए प्रेरणास्त्रोत हैं, युवा पीढ़ी को शहीदों की जीवनी से प्रेरणा लेने की जरूरत है। शहीदों के जीवन अध्ययन से युवा पीढ़ी में देश प्रेम की भावना का जन्म होता है।17
सीआरपीएफ के शहीद जवानों की याद में मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस
पूरे देश में पुलिस स्मरण दिवस मनाने के महत्व के बारे में सीआरपीएफ की एक टुकड़ी की बहादुरी का एक किस्सा है। 66 वर्ष पूर्व 21 अक्तूबर 1959 में लद्दाख में सीआरपीएफ की तीसरी बटालियन की एक कंपनी को भारत-तिब्बत सीमा की सुरक्षा के लिए लद्दाख के हाट-स्प्रिंग में तैनात किया गया था। 21 जवानों का गश्ती दल हाॅट-स्प्रिंग में गश्त कर रहा था तभी चीनी फौज के बड़े दस्ते ने इस गश्ती टुकड़ी पर घात लगाकर आक्रमण कर दिया। तब इस बल के मात्र 21 जवानों ने चीनी आक्रमणकारियों का डटकर मुकाबला किया। 10 जवानों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया था। तभी से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के उन बहादुर जवानों के बलिदान की याद में हर वर्ष देश के सभी राज्यों की पुलिस व अर्धसैनिक बलों की ओर से 21 अक्तूबर को पुलिस स्मरण दिवस के रूप में मनाया जाता है।