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Kurukshetra News: सात आरोपियों को प्रोडेक्शन वारंट पर लाई पुलिस

Sat, 06 Sep 2025 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। जिला जेल से मोबाइल फोन मिलने के दो अलग-अलग मामलों में सीआईए एक और दो की टीम ने सात बंदियों को अदालत से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार करके जांच में शामिल किया है। पहले मामले में जिला करनाल के राहडा गांव के उमराव उर्फ अमर सिंह व सूर्यप्रताप और दूसरे मामले में शहर निवासी अंकुर उर्फ मोंटू, अखिलेश, शिवम्, सोमपाल उर्फ काला व दिलबाग उर्फ बग्गा के रूप में हुई है।

19 अगस्त जेल अधीक्षक ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उप जेल अधीक्षक के नेतृत्व में समय-समय पर जेल के कैदियों व बंदियों की तलाशी ली जाती है। इसी कड़ी में 19 अगस्त को तलाशी के दौरान तीन बजे ब्लाक नंबर चार के कमरा नंबर दो की अचानक तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान बाथरूम से एक टूटा हुआ मोबाइल बरामद हुआ था। जांच से पता चला मोबाइल जिला करनाल के दादुपुर गांव के कृष्ण कुमार द्वारा प्रयोग किया गया था। मोबाइल को कब्जे में लेकर आगामी जांच के लिए थाना शहर थानेसर में मामला दर्ज करके जांच की गई। बाद में मामले की जांच अपराध अन्वेषण शाखा-दो को दी गई थी।
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वहीं दूसरे मामले में 23 जून को रात्रि समय करीब आठ बजे ब्लाक नंबर पांच के कमरा नंबर एक व दो की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान एक जला हुआ मोबाइल बरामद हुआ था। मोबाइल को कब्जा में लेकर शहर थाना में मामला दर्ज कर आगामी जांच अपराध अन्वेषण शाखा-एक को दी गई थी।

पहले मामले में 25 अगस्त को टीम ने मामले में कृष्ण कुमार, राजेश उर्फ भूरिया, विशाल उर्फ लाडी व शमशेर सिंह उर्फ शेरा को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपियों को अदालत में पेश करके कारागार भेज दिया था। वहीं आगामी जांच के दौरान टीम ने उक्त सातों आरोपियों को जांच में शामिल करने के बाद अदालत में पेश कर कारागार भेज दिया गया।
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दोनों कृष्ण दादूपुर गैंग से जुडे़, गंभीर अपराधों में जेल में बंद : मोहन लाल
सीआईए दो के प्रभारी निरीक्षक मोहन लाल ने बताया कि पहले मामले के दोनों आरोपी उमराव उर्फ अमर सिंह व सूर्यप्रताप कृष्ण दादूपुर गैंग से जुडे़ हैं। वह पहले भी जिन पांच आरोपियों को काबू किया था। वे भी इनकी गैंग के सदस्य थे। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियाें ने पूछताछ में माना हैं कि उन्होंने जेल में अवैध रूप से मोबाइल का प्रयोग करते थे। उन्हें मोबाइल किसी ने जेल के बाहर से दीवार के ऊपर से फैंका था। वहीं मोहन लाल ने बताया कि जांच में सामने आया है कि इन मोबाइल को प्रयोग के दौरान आरोपियाें ने किसी भी अपराध को अंजाम नहीं दिया है। वह मोबाइल का प्रयोग अपराध में न करके सिर्फ सामान्य बातचीत करने के लिए किया गया है। आरोपियाें के खिलाफ प्रीजन एक्ट में मामला दर्ज कर लिया है।
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