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पीएम नरेंद्र मोदी की चाहत : समृद्ध हो भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत

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PM Narendra Modi - फोटो : Kurukshetra
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कुरुक्षेत्र। मैं चाहूंगा कि जब देश-दुनिया के लोग परिवार सहित भारत भ्रमण के लिये अगर टॉप 15 प्रमुख स्थलों की सूची करें तो उनमें से एक मेरा कुरुक्षेत्र भी हो....। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह कहते ही पूरे जोश के साथ भाजपा की विजय संकल्प रैली में पहुंचे लोगों ने जोरदार आवाज में अभिवादन किया। पिछले पांच साल के भीतर कुरुक्षेत्र में आज मोदी की चौथी चुनावी रैली थी। इस रैली में अंबाला, कुरुक्षेत्र और करनाल लोकसभा क्षेत्र के 17 प्रत्याशियों की जीत को सुनिश्चित करने के लिये पहुंचे थे।
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मोदी ने अपने संबोधन में हरियाणा के सीएम मनोहर लाल की पीठ जमकर थपथपाई, राम भक्तों से राम-राम करने के साथ ही मोदी ने कृष्ण की कर्मस्थली और गीता जन्मस्थली को अपने खास अंदाज में नमन किया। प्रधानमंत्री ने इसे अपना सौभाग्य बताया कि वह आज गीता के ज्ञान की धरती पर हैं और यहां आने का सौभाग्य उन्हें निजी तौर पर हमेशा सुखद अनुभव देता है। कुरुक्षेत्र से अपनी पुरानी यादों को सांझा करते हुए मोदी बोले कि जब मैं संगठन का कार्य देखता था तब भी अक्सर कुरुक्षेत्र की पवित्र धरती पर आना जाना लगा रहता था और वैसे भी थानेसर के बासमती चावल की खुशबू को कभी कोई भुला नहीं सकता।
प्रधानमंत्री ने डॉ. भीमराव आंबेडकर, बाल्मीकि समाज, हरियाणा के जवानों और सेना के शौर्य, शहीदों, प्रदेश में शिक्षा, रोजागार, व्यापार, उद्योग, व्यवस्था, आर्थिक स्थिति और पर्यटन उद्योग ही नहीं, बल्कि आस्था और संस्कृति और सरकार की कार्यप्रणाली पर संतोष जताते हुये प्रमुखता से जिक्र किया। पूरे भाषण में मोदी का सीधा फोकस तीन लोकसभा क्षेत्र तक ही नहीं, बल्कि प्रमुख मुद्दों के साथ हरियाणा में 75 पार के नारे को 21 अक्तूबर के दिन फलीभूत करने पर रहा। केंद्र और प्रदेश में 5-5 साल के भाजपा के शासनकाल में हासिल की गई अनेक उपलब्धियों का स्कैच अपने शब्दों में खींचा। वहीं उन्होंने पर्यटन के लिहाज से भारत और हरियाणा को बड़ी उम्मीद के रूप में परिभाषित किया। प्रधानमंत्री ने महाभारतकालीन धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र तरजीह देते हुए कहा कि विश्व रैंकिंग में दुनिया के लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में भारत शुमार हो रहा है। इसी का नतीजा है कि पहले हम जहां दुनिया में 65 वें नंबर पर थे और अब 34 में नंबर पर पहुंचे हैं और इस रैंकिंग में अभी और सुधार करने के लिये उनकी सरकार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि देश-दुनिया में पर्यटन के क्षेत्र में बड़ा हिस्सा आस्था और आध्यात्म भ्रमण से जुड़े पर्यटन यानी हैरिटेज टूरिज्म का भी है।
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भारत की सांस्कृतिक विरासत का सिरमौर है कुरुक्षेत्र : मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि कुरुक्षेत्र भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का सिरमौर है। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल की पीठ थपथपाते हुए कहा कि उनके प्रयासों से कुरुक्षेत्र में गीता जयंती महोत्सव के जरिये कुरुक्षेत्र की विरासत को और भी समृद्ध बनाया जा रहा है।
दुनिया के कृष्ण भक्तों की सुविधा के लिये है कृष्णा सर्किट योजना
केंद्र सरकार का प्रयास है कि कुरुक्षेत्र की चर्चा पूरे विश्व में हो, जहां अधिक से अधिक सुविधाएं हो, ताकि देश और दुनिया से पर्यटक यहां बार-बार आने के लिये आकर्षित हो, केंद्र सरकार की कृष्ण सर्किट योजना से जोड़ने के लिये भी यही लक्ष्य है कि कृष्ण जुड़े स्थानों को संरक्षण के साथ सुविधाओं से लैस हो और भगवान श्रीकृष्ण के भक्तों को भी आसानी हो और रोजगार की संभावनाएं भी बढ़े।
प्रधानमंत्री की चाहत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले उनकी चाहत है कि देश-दुनिया में बैठा कोई भी व्यक्ति अगर अपने परिवार के साथ भारत भ्रमण का प्लान तैयार करे और 15 प्रमुख दर्शनीय स्थलों की सूची बनाये तो उनमें से एक कुरुक्षेत्र का नाम भी शुमार हो। पूरे भाषण में मोदी ने अपने कुरुक्षेत्र प्रेम को कई बार दर्शाया।
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