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पिपली-थर्डगेट सड़क पर चलने से वाहनों के टायर, शॉकर, क्लच प्लेट और चेन सेट हो रहे खराब.

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शहर की लाइफलाइन कही जाने वाली पिपली थर्डगेट सड़क पर सिक्सलेन बनने के चलते लोगों को शारीरिक नुकसान के साथ-साथ आर्थिक नुकासन भी पहुंच रहा है। इस सड़क पर रोजाना चलने वाले वाहनों के टायर, शोकर, क्लच प्लेट और चेन सेट समय से पहले खराब हो रहे हैं। पिछले डेढ़ साल से उखड़ी सड़क पर चलने से जहां वाहनों के टायरों की लाइफ आधी हो गई है। वहीं कई वाहनों की तो समय से पहले सर्विस करवानी पड़ रही है। इस सड़क से रोजाना हजारों की संख्या में वाहन गुजरते हैं ऐसे में एक वाहन की सेहत ठीक रखने के लिए चालक को माह में वाहन पर हजार रुपये का खर्चा करना पड़ रहा है, जिससे उसको आर्थिक नुकसान हो रहा है।
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ऊबड़-खाबड़ सड़क होने के कारण यदि कोई मोटरइसाकिल या कार इस सड़क पर एक माह लगातार चल ले तो उसके पुर्जों में से आवाज आने लग जाती है। टायर विक्रेता के अनुसार एक नए टायर की लाइफ 40 हजार किलोमीटर होती है। यह 40 हजार किलोमीटर की लाइफ एक साफ सड़क के लिए तय की गई है। वहीं, यदि उसी टायर को पिपली थर्डगेट सड़क पर लगातार चलाया जाए तो मात्र 20 हजार किलोमीटर चलकर ही टायर कंडम को जाएगा। इतना ही नहीं टायर में रोजाना पंचर होने से उसकी ट्यूब भी बीच-बीच में कई बार बदलवानी पड़ेगी।
जब भी शहर आता हूं बाइक हो जाती है पंचर : रामदास
गांव खिजरपुरा वासी रामदास ने कहा कि वह जब कभी गांव से शहर काम के लिए वाहन लेकर आता है तो ट्यूब में पंचर जरूर होता है। एक तो सड़क उखड़ी होने के कारण लोगों को शारीरिक नुकसान पहुंच रहा है वहीं वाहनों की भी हालत सड़क ने खराब कर दी है। वाहनों को पहुंचने वाले नुकसान से लोगों की जेब पर फर्क पड़ रहा है।
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गाड़ी के पुर्जों से आने लगती है आवाज : सचिन
सचिन कौशिक ने कहा उसे अक्सर काम सिलसिले में गाड़ी लेकर इस सड़क पर आना-जाना पड़ता है। थर्डगेट से लेकर पिपली तक नौ किलोमीटर लंबी सड़क के इतने ज्यादा खस्ताहाल है कि अगर दो दिन लगातार वह इस सड़क पर चल लेते हैं तो गाड़ी के पुर्जों में से आवाज आने लगती है। इस आवाज को ठीक करवाने के लिए बार-बार टेेंडर के पास जाना पड़ता है।
पत्थर लगने से जल्द कट जाते हैं टायर : नीरज
अरोड़ा पंचर से नीरज कुमार ने कहा कि इस प्रकार की सड़क पर रोजाना वाहन चलाने से वाहन के टायरों के कटने की संभावना बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, जिस कारण टायर समय से पहले ही खराब हो जाते है। इसके अलावा सड़क पर पड़ी बजरी टायरों में चुभने से पंचर भी लगातार होते रहते हैं, जिससे कि ट्यूब जल्दी बदलनवानी पड़ जाती है। पिपली से थर्डगेट की सड़क पर वाहन को कम स्पीड में चलाना चाहिए, तभी टायरों को होने वाले नुकसान को कुछ कम किया जा सकता है।
शोकर, ब्रेक, क्लच प्लेट व चेन सेट हो रहे खराब : राहुल
गणेश सर्विस सेंटर संचालक राहुल ने कहा कि इस सड़क पर बहुत गड्ढे हैं ऐसे में गड्ढों में चलने से वाहन के शोकर, ब्रेक, क्लच प्लेटें व चेन सेट जल्दी खराब हो जाते हैं, जिसे ठीक करने में करीब एक हजार से ज्यादा का खर्च आता है। इतना ही नहीं इस सड़क पर चलने वाले वाहनों की सर्विस भी अन्य सड़क पर चलने वाले वाहनों के मुकाबले जल्दी करवानी पड़ती है। सड़क पर बार-बार गड्ढों में वाहन जाने से उसके पुर्जे भी जल्दी खड़कने लग जाते हैं।
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