कुरुक्षेत्र। धरने पर बैठे पीजीआई रोहतक से अनुबंधित कर्मचारी नारेबाजी करते हएु। संवाद
कुरुक्षेत्र। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिलवाने के प्रशासनिक आश्वासन पर भरोसा करते हुए इंतजार कर रहे पीजीआई रोहतक के अनुबंध कर्मचारियों का सब्र अब जवाब देने लगा है। पिछले सात दिनों से केशव पार्क में धरना दे रहे कर्मचारियों ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आंदोलन तेज करने की घोषणा की। उन्होंने सोमवार को शहर में रोष मार्च निकालकर लघु सचिवालय पहुंचने और सरकार का पुतला फूंकने का ऐलान किया है। कर्मचारियों ने घर गए साथियों को वापस बुला लिया है और किसान यूनियनों तथा अन्य कर्मचारी व सामाजिक संगठनों से समर्थन मांगा है।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें प्रशासन की ओर से बार-बार झूठा आश्वासन मिल रहा है। उन्हें पहले करनाल में रोककर रखा आठ दिन पहले वह जैसे तैसे मुख्यमंत्री के आवास पर पहुंचे तो उन्हें मुख्यमंत्री से मिलवाने की वजह घसीटते हुए बसों में ठूस कर पुलिस लाइन में भेज दिया गया, जहां प्रशासन के अधिकारियों ने उनको सात दिन में मुख्यमंत्री से समय लेकर मिलवाने की बात कही थी। शनिवार को आठ दिन बीत जाने के बाद भी कोई अधिकारी उनकी सुध लेने यहां नहीं पहुंचा।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन उन्हें मुख्यमंत्री से मिलवाना नहीं चाहता है। पिछले सात दिनों में मुख्यमंत्री कुरुक्षेत्र में तीन से चार बार आ चुके हैं। उन्हें शनिवार को मुख्यमंत्री के कुरुक्षेत्र में आने की सूचना मिली तो उन्हें उम्मीद थी कि आज मुख्यमंत्री से मिलवा दिया जाएगा, लेकिन प्रशासन के अधिकारियों को बार-बार फोन करने के बाद भी उन्हें नहीं मिलवाया गया है। अब कर्मचारियों ने आगे रणनीति बनाते हुए घर गए कर्मचारियों को सोमवार तक वापस धरने पर लौटने का कॉल दिया है। वह किसान यूनियन व अन्य कर्मचारी व सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर आंदोलन को तेज करने की बात कही। प्रधान अभिषेक ने कहा कि सोमवार को पुतला फुंकने के बाद बड़ा निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी मांग कोई नई मांग नहीं है। हम सरकार की पॉलिसी में खुद को शामिल करने की बात कर रहे हैं।