शाहाबाद। विपक्षी पार्षदों के विरोध के बाद भी सोमवार को नगर पालिका हाउस की बैठक हुई, जिसमें लगभग 2.25 करोड़ के कार्यों को अनुमति प्रदान कर दी गई। प्रत्येक वार्ड में 10-10 लाख के रिपेयर के कार्यों, वार्डों में बेंच एवं स्ट्रीट लाइट सहित अन्य कई विकास कार्यों पर नगरपालिका सदन ने अपनी स्वीकृति की मुहर लगा ई गई। प्रधान एवं बैठक में उपस्थित 11 पार्षदों ने कहा कि लोकसभा चुनावों के मध्य नजर आचार संहिता की संभावना के चलते एक-दो दिन में ही सदन की बैठक पुनः बुलाकर सभी कार्यों को पास करवा कर निविदा लगवा दी जाएगी।
वहीं नगरपालिका प्रधान गुलशन कवातरा ने उप-प्रधान भाविका कवातरा, पार्षद नवनीत कौर, कुसुम रानी, सुनील बतरा एवं पंकज सिंगला पर आरोप लगाए कि उन्होंने बैठक स्थगित करवाने के प्रयास किए और डीएमसी को पत्र भी लिखा। प्रधान ने नगरपालिका सचिव बम्बूल सिंह मलिक, पालिका अभियंता भारत भूषण एवं जेई गुरजीत सिंह पर भी विपक्षी पार्षदों के साथ मिलकर बैठक को स्थगित करवाने का योजना बनाने के आरोप लगाए। प्रधान ने बताया कि आज जब वह और 11 अन्य पार्षद पहले से तय एजेंडे के अंतर्गत संगठन की बैठक के लिए नगरपालिका पहुंचे तो उन्हें उक्त पार्षदों द्वारा बैठक को स्थगित करवाने के लिए डीएमसी को लिखा पत्र मिला। ऐसे में जब उन्होंने सचिव, पालिका अभियंता और जेई से बात करने की कोशिश की तो उन्हें उनके फोन बंद मिले।
गुलशन कवातरा ने पत्र को दिखाते हुए कहा कि विपक्षी पार्षदों द्वारा इस तरीके से प्रत्येक कार्य में व्यवधान डालना सही नहीं। जनता के काम में रोड़े अटका रहे इन पार्षदों से शहरवासियों को जवाब मांगना चाहिए। नपा प्रधान व अन्य पांच पार्षदों ने संबंधित अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई करने की बात की और कहा कि ऐसा रवैया सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले भी 2-3 दिन की पूर्व सूचना पर सदन की बैठकें आयोजित होती रही, लेकिन अब विपक्ष के पार्षद सात दिन पूर्व एजेंडे की मांग करने लगे हैं।
वहीं सदन की बैठक में नगरपालिका के पास कूड़े के लिए डंपिंग प्वाइंट न होने की बात पर वार्ड नंबर एक के पार्षद राजेश उप्पल ने कहा कि डंपिंग प्वाइंट के लिए नगरपालिका 14 अलग-अलग जगह देख चुकी है। अगले एक-दो दिन में डंपिंग पॉइंट मिल जाने की बात कही। इस मौके पर डाॅ. प्रवीण शर्मा लक्की, राजेश उप्पल, जसवीर सैनी, निशा ठकराल, ईशु सचदेवा, मीनाक्षी शर्मा, हीरा लाल, अमित सिंघल, आरती गुप्ता, नीरज मट्टू एवं जगतार सिंह तारा सहित कुल 11 पार्षद उपस्थित थे।
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विपक्षी पार्षद बोले, प्रधान करते हैं मनमर्जी और जल्दबाजी
नगरपालिका सचिव बम्बूल सिंह से संपर्क नहीं हो सका जबकि सभी आरोपों पर नगरपालिका उप-प्रधान भाविका कवातरा, पार्षद नवनीत कौर, पंकज सिंगला, कुसुम रानी एवं सुनील बतरा ने संयुक्त रूप से कहा कि एक्ट के अनुसार सदन की बैठक का एजेंडा पार्षदों के पास सात दिन पूर्व पहुंचना होता है और उस पर भी नगरपालिका कार्यालय के पांच कार्य दिवस का समय भी जरूरी होता है ताकि पार्षद एजेंडे के बिंदुओं पर कोई जरूरी दस्तावेज अथवा जानकारी समय रहते प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रधान सदैव नगरपालिका की बैठक जानबूझकर आनन-फानन एवं जल्दबाजी में करते हैं। सात मार्च शाम को जारी किया गया एजेंडा कुछ पार्षदों के पास नौ मार्च शाम को ही पहुंचा। ऐसे में बीच के तीन दिन छुट्टी होने के कारण वे कोई तैयारी नहीं कर पाए।