प्रदेश सरकार की ओर से किसानों की उपज का 24 घंटे में भुगतान किए जाने के दावों की धान के सीजन में हवा निकल रही है। धान की आवक शुरू हुए लगभग 15 दिन से भी अधिक हो चुके है तो वहीं सरकारी खरीद भी लगभग एक सप्ताह से शुरू हो चुकी है। इसके बावजूद आज तक एक रुपये का भी भुगतान नहीं हो सका है। जिसके चलते किसान व आढ़तियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। अनुमान लगाया जा रहा है कि अकेले डीएफएससी को ही नई अनाज मंडी का लगभग 25 करोड़ का अब तक का भुगतान करना है तो वहीं अन्य एजेंसियां भी धान खरीद में लगी है। हालांकि बताया जा रहा है कि अभी तक मैनुअल खरीद के आदेश नहीं आए थे, जिसके चलते ही भुगतान भी अटक गया तो वहीं अधिकारी आढ़तियों को लगातार एक-दो दिन मेें भुगतान हो जाने का आश्वासन दे रहे है।
भुगतान न होने से झेलनी पड़ रही परेशानी : बंसल
आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान दौलत राम बंसल ने बताया कि भुगतान न होने से किसान लगातार आढ़तियों के पास आ रहे है, लेकिन आढ़ती उन्हें जल्द भुगतान का ही आश्वासन दे रहे है। अधिकारियों से लगातार हो रही बातचीत के अनुसार सोमवार को भुगतान आने की उम्मीद थी, लेकिन देर सांय तक नहीं मिल पाया।
आज शुरू कर दी गई कार्रवाई : डीएफएससी
डीएफएससी वीरेंद्र सिंह का कहना है कि सीजन के शुरुआत व लगातार दो दिन छुटियां होने के चलते ही भुगतान नहीं हो सका। लेकिन सोमवार से भुगतान जारी करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। अब भुगतान में कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
नमी ने उड़ाई मिलर्स की नींद
धान में माउश्चर निर्धारित 17 फीसदी से अधिक होने से अब मिलर्स की नींद उड़ने लगी है। अधिकतर ढेरियों में नमी 17 फीसदी से अधिक पाया जा रहा है, जिसके चलते अब मिलर्स धान के प्रति उत्साह नहीं दिखा पा रहे है। मिलर्स का मानना है कि इतने नमी के चलते लिए धान को सैलर में रखा तो आगे बारिश होने पर धान खराब होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। वहीं किसानों का आरोप है कि जानबूझ कर नमी अधिक बताया जा रहा है और इस आड़ में उन्हें निर्धारित भाव से कम दाम दिए जा रहे है।
एडिशनल चीफ सेक्रेटरी की बाट जोहते रहे अधिकारी
हरियाणा सरकार में एडिशनल चीफ सेक्रेटरी अनिल मलिक के थानेसर अनाज मंडी में आने की चर्चा दिन भर जारी रही। मार्केट कमेटी अधिकारियों को भी सूचना मिली थी कि लगभग 12 बजे वह अनाज मंडी पहुंचेंगे। तभी से ही अधिकारी तैयारियों में जुट गए थे। यहां तक कि आढ़तियों को भी उनसे मिलने के लिए आमंत्रित कर लिया गया था। जिसके बाद आढ़तियों ने उनके सामने अपनी समक्ष रखने की रणनीति तय की थी। लेकिन अधिकारियों से लेकर आढ़तियों की भी तैयारियां उस समय धरी की धरी रह गई जब एडिशनल चीफ सेक्रेटरी देर सांय तक भी नहीं पहुंचे।
एक लाख 15 हजार टन धान पहुंचा
थानेसर अनाज मंडी में सोमवार को 1 लाख 15 हजार 320 क्विंटल धान की आवक हुई। जिसमें डीएफएससी ने 61 हजार, हैफेड ने 13 हजार व हरियाणा एग्रो ने लगभग 41 हजार क्विंटल धान की खरीद की।