संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। गड्ढों में तब्दील हो चुकी सड़कों के कारण बसों की केएमपीएल (किलोमीटर प्रति लीटर)एवरेज कम होने पर रोडवेज विभाग की अधिकारियों की ओर से कर्मचारियों पर जुर्माना लगाया जा रहा है। इससे चालकों और परिचालकों में रोष है। गड्ढाें के कारण बसों की चार किलोमीटर प्रति लीटर एवरेज आ रही है जबकि विभाग की ओर से पांच केएमपीएल का लक्ष्य दिया जा रहा है।
वहीं बस कंपनियों का साढ़े तीन से लेकर चार तक एवरेज का दावा है और वह भी तक जब नियमानुसार बस में 52 सवारी तो सड़क भी बेहतर हो। चालक-परिचालकों की मानें तो रोडवेज की बसों में सीटों से ज्यादा सवारियां सफर करती है। वहीं सड़कें भी खस्ता हाल है। ऐसे में केएमपीएल कम आने पर आए दिन अधिकारियों की तरफ से कर्मचारियों पर जुर्माना डाला जा रहा है। कर्मचारियों में विभाग के प्रति विरोध पनपने लगा है।
कर्मचारियों पर बना रहे दबाव : नरेंद्र
ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन प्रधान नरेंद्र पांचाल का कहना है कि विभाग के ऐसे नियम कर्मचारियों को परेशान कर रहे हैं। जिस कंपनी की बस है वह खुद साढ़े तीन केएमपीएल का दावा कर रही है लेकिन विभाग पांच पर अड़ा है। ऐसा संभव ही नहीं है। पांचाल ने कहा कि बसों में सीटों से ज्यादा सवारियों को बैठाकर सफर कराया जा रहा है। ऐसे में केएमपीएल ज्यादा कैसे आएगी। महाप्रबंधक को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।
विभाग ने चालक अश्वनी कुमार को पत्र लिख कहा 372 किमी तय करके 90 लीटर डीजल लिया गया। इस पर वाहन की केएमपीएल 4.1 आई, जो केएमपीएल 4.8 आनी चाहिए थी। 13 लीटर डीजल अतिरिक्त लिया, जिस कारण विभाग को 1220 रुपये का नुकसान हुआ।
चालक अश्वनी कुमार ने 772 किलोमीटर तय करके विभाग से 189 लीटर डीजल लिया। वाहन की केएमपीएल 4.08 आनी चाहिए थी, जो केएमपीएल 4.8 रही। 29 लीटर डीजल अतिरिक्त लिया, जिस कारण विभाग को 2497 रुपये का नुकसान हुआ।
विभाग की आमदन बढ़ाना उद्देश्य : शेर सिंह
रोडवेज महाप्रबंधक शेर सिंह का कहना है कि बसों की पांच से ज्यादा की केएमपीएल आती है लेकिन कुछ चालक-परिचालक बसों की कम केएमपीएल लेकर आते हैं। ऐसे चालकों पर रिकवरी डाली जा रही है। उन्होंने कहा कि किलोमीटर स्कीम के तहत विभाग में 23 बसें चल रही है सभी की केएमपीएल पांच से ज्यादा है। रिकवरी में केस की सुनवाई के समय विचार विमर्श कर जुर्माना भरवाया जाता है।