अब पटवारी व ग्राम सचिव खेतों में खड़े फानों व अवशेषों को जलाने वाले किसानों पर नजर रखेंगे। इतना ही नहीं इन कर्मचारियों को आग से संबंधित घटना की 60 मिनट के अंदर अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपनी होगी। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। डीसी सुमेधा कटारिया ने बुधवार को सभी एसडीएम, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी सहित अन्य संबधित अधिकारियों को आदेश जारी करते हुए कहा कि जिला से सूचनाएं मिल रही है कि प्रशासन द्वारा सख्ती करने के बाबजूद कई किसान खेतों में अवशेषों को आग लगा कर प्रशासन के आदेशों की अवहेलना करने का काम रहे है।
इसलिए सभी महकमों के अधिकारियों को आदेश जारी किए है कि संबंधित क्षेत्र के पटवारी व ग्राम सचिव अपने अपने क्षेत्र में आग लगने के एक घंटे के अंदर अपनी रिपोर्ट देंगे। ताकि आग लगाने वाले किसान के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जा सके। उन्होंने कहा कि जो पटवारी व ग्राम सचिव रिपोर्ट में लापरवाही बरतेगा उस कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कृषि विभाग की टीमें बी अपने अपने क्षेत्र में पैनी निगाहे रखेंगी ताकि अवशेषों को आग लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
अभी हाल में ही कृषि विभाग की टीमों में सात किसानों के खिलाफ कार्रवाई की है और उन पर करीब 17500 रुपये का जुर्माना भी किया है। उन्होंने कहा कि आग लगाने से ना केवल पर्यावरण दुषित होता अपितु भूमि के मित्र किट भी नष्ठ हो रहे है। इतना ही नहीं सडक़ दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। उन्होंने कहा कि सभी उपमंडल अधिकारी नागरिक अपने अपने अधीनस्थ अधिकारियों को दिशानिर्देश जारी खेतों में आग लगाने वाले किसानों के खिलाफ कार्रवाई करना सुनिश्चित करेंगे। सभी अधिकारी इस मामले को गंभीरता से लेंगे और फील्ड में जाकर निरीक्षण करना भी सुनिश्चित करेंगे।
चार किसानों ने जलाए अवशेष, लगाया 10 हजार का जुर्माना
प्रशासन व कृषि विभाग द्वारा भरसक प्रयास किए जाने के बावजूद भी किसान धान के अवशेष जलाने से पीछे नहीं हट रहे है। बुुधवार को भी विभाग की निगरानी टीम ने जिला के चार किसानों को अवशेष जलाते हुए पकड़ा। इनमें बहादुरपुरा निवासी सोहन, सिंहपुरा निवासी देवेंद्र, भिवानीखेड़ा निवासी रमेश व नविता शामिल है। टीम ने इन किसानों पर 2500-2500 रुपये जुर्माना लगाया है।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद ने बताया कि टीम में शामिल अधिकारियों व कर्मचारियों ने इस दौरान ग्रामीणों को फसल के अवशेष न जलाने का आह्वान किया तो वहीं सरकार की ओर से जारी हिदायतों व अवशेष जलाने से होने वाले नुकसान से भी अवगत करवाया है। उन्होंने बताया कि विभाग की टीमें इस मामले पर कड़ी निगरानी कर रही है।