कुरुक्षेत्र। जिला अस्पताल में इन दिनों दवा लेना मरीजों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। मरीजों को दवा के लिए तीन से चार घंटे इंतजार करना पड़ रहा है। इस कारण उनका मर्ज और बढ़ रहा है। इतना ही नहीं कुछ मरीजों के दवा काउंटर पर पहुंचने से पहले ही काउंटर बंद हो जाते हैं। ऐसे में मरीजों को अगले दिन अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ती है। 45 डिग्री सेल्सियस तापमान में मरीजों को लू के थपेड़े भी सहन करने पड़ रहे हैं।
डिस्पेंसरी में मरीजों की सहूलियत के लिए पांच काउंटर बनाए गए हैं, जिनमें एक काउंटर महिलाओं के लिए, एक पुरुषों के लिए, एक बुजर्गों के लिए और एक नौकरी पेशा के लिए बनाया गया है। मरीजों को दवा देने के लिए पांच काउंटर बने हुए है। इनमें से तीन काउंटर काफी समय से बंद पड़े हैं। महज दो काउंटरों पर ही मरीजों को दवा लेनी पड़ रही है। अस्पताल में रोजाना 1700 से 1800 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। अब ऐसे में एक काउंटर पर 800 से 850 मरीजों का दवा लेना किसी चुनौती से कम नहीं है।
तीन दिन से दवा के लिए खा रहे धक्के : भूषण
शहर वासी भूषण शर्मा ने कहा कि वह नौ जून से जिला अस्पताल में दवा के लिए धक्के खा रहे हैं। नौ जून को चिकित्सक को दिखाया था। चिकित्सक ने खून की जांच लिखी 10 तारीख को दोपहर बाद रिपोर्ट मिली, जिसके बाद चिकित्सक को दिखाया। उसके बाद दवा के लिए कतार में लगा पर नंबर आने से पहले ही दवा काउंटर बंद हो गया। 11 जून को सरकारी छुट्टी थी। 12 जून को दोबारा से नंबर लगवाकर कतार में लगे 12 बजे तक दवा नहीं मिली।
खोलने चाहिए सभी काउंटर : कविता
मरीज कविता ने बताया दवा के लिए सुबह 10 बजे अस्पताल आई थी लेकिन दो बजे तक भी उसे दवा नहीं मिली। घर पर बच्चों की देखभाल करने वाला कोई नहीं है, जिस कारण से बच्चों को भी साथ लेकर आना पड़ा। गर्मी में बच्चों का भी बुरा हाल हो गया। उनका कहना है कि विभाग को दवा के सभी काउंटर खोलने चाहिए। भीषण गर्मी में व व्यस्त शेड्यूल में दवा के लिए पांच घंटे तक इंतजार करना हर किसी के बस की बात नहीं।
नहीं किया जा रहा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन
प्रदेश में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल में इसे लेकर कोई व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही। ऐसे में सबसे ज्यादा जरूरी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन होता है, जबकि अस्पताल में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन दिखाई नहीं देता। ओपीडी से लेकर दवा काउंटर तक मरीज एक दूसरे से सटे दिखाई देते हैं। हालांकि अभी जिले में कोरोना का कोई भी मामला नहीं है, लेकिन इसके प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता है।
बनाएंगे व्यवस्था, खोलेंगे काउंटर : डॉ. तजेंद्र
जिला अस्पताल के पीएमओ डॉ. तजेंद्र का कहना है कि अस्पताल में 10 फार्मासिस्ट है। 200 बेड के हिसाब से 12 फार्मासिस्ट होने चाहिए। फार्मासिस्ट की कमी के कारण काउंटर नहीं खुल पा रहे। डिस्पेंसरी में व्यवस्था बनाई जाएगी। इसके लिए विभाग प्रयासरत है।