कुरुक्षेत्र। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गांधी नगर में कर्मचारियों की कमी का खामियाजा स्टाफ सदस्य व ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। डिस्पेंसरी में कंप्यूटर ऑपरेटर, स्वीपर, क्लास फोर के पद आज तक खाली पड़े है। जिससे अस्पताल में साफ- सफाई कराने में परेशानी होती है। वहीं अस्पताल प्रशासन खुद के पैसे खर्च कर व्यवस्था बनाने में जुटा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के नाम कोई भी बजट सरकार की तरफ से नहीं मिल रहा था। अभी पहली बार ही अस्पताल को एक लाख 70 लाख का बजट मंजूर हुआ है। अब इस पैसे से ही अस्पताल में व्यवस्था बनाई जाएगी। अलग से विभाग के पास कोई बजट नहीं है। जिला अस्पताल में जहां पांच रुपये की पर्ची की आमदन विभाग को होती है, यहां सरकार की गाइडलाइन के अनुसार मरीज को निशुल्क पर्ची दी जा रही है।
इसके अलावा अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं तो दुरुस्त है पर दो विभागों के बीच समन्वय ना होने से प्रशासनिक कार्याें को पूरा करने में परेशानी हो रही है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जिस भवन में चल रहा है, वह जगह नगर परिषद के अधीन है और भवन का बिजली मीटर नगर परिषद ईओ के नाम से है लेकिन स्वास्थ्य विभाग इसे प्रयोग में ले रहा है। नगर परिषद इसका बिल नहीं भरता वहीं बिल ईओ के नाम से आने से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी परेशान हैं। ऐसे में अधिकारियों को व्यवस्था बनाने में परेशानी झेलनी पड़ रही है।
गांधी नगर का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिए पहुंच रहे मरीजों को केंद्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ डेंटल ओपीडी से लेकर सामान्य बीमारियों का इलाज मिल रहा है। अस्पताल में रोजाना 100 से 120 मरीज इलाज लेने पहुंच रहे हैं। अब स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों के लिए और सुविधाएं बढ़ाई जाएगी। 30 लाख की लागत से केंद्र का सौंदर्यकरण होगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने बजट को पीडब्ल्यूडी एंड बीएंड आर विभाग को हैंडओवर कर दिया है। अब जल्द ही विभाग भवन का सौंदर्यकरण कराएगा।
कर्मचारियों का टोटा
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कर्मचारियों की कमी है। डिस्पेंसरी में कंप्यूटर ऑपरेटर, स्वीपर, क्लास फोर के पद रिक्त पड़े है। जिस वजह से अस्पताल में साफ- सफाई कराने में परेशानी होती है। अस्पताल स्टाफ खुद के खर्च पर ही केंद्र में साफ सफाई करा रहा है।
विभाग को पहली बार मिला बजट : डॉ. कृष्ण
कर्मचारियों की कमी को जल्द पूरा किया जाएगा। केंद्र के लिए पहली बार एक लाख 70 हजार का बजट पास हुआ है। जिससे केंद्र में व्यवस्थाएं सुधारी जाएंगी। वहीं 13 लाख की लागत से केंद्र का सौंदर्यीकरण होगा।
डॉ. कृष्ण दत्त, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इंचार्ज
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मरीजों को नहीं मिल रही पूरी दवा
अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 100 से 120 लोग इलाज लेने पहुंच रहे हैं। अस्पताल की डिस्पेंसरी में मरीजों को चिकित्सकों द्वारा लिखी पूरी दवा नहीं मिल रही। मरीजों को एक से दो दवा बाहर निजी कैमिस्ट की दुकानों से लेनी पड़ रही है।