कुरुक्षेत्र। बारना गांव स्थित कम्यूनिटी हेल्थ सेंटर में बुनियादी सुविधाएं तो उपलब्ध हैं पर विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव में मरीजों को सही इलाज नहीं मिल रहा। अस्पताल में एक्स-रे मशीन तो है पर हड्डी रोग विशेषज्ञ न होने से सही परामर्श नहीं मिल पाता। ऐसे में मरीजों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।
इसके अलावा गायनी विभाग में 24 घंटे सेवा का दावा किया जाता है पर शाम चार बजे के बाद कोई महिला चिकित्सक अस्पताल में मौजूद नहीं रहती। इस दौरान अगर कोई प्रसूता पहुंचती है तो स्टाफ नर्स ही स्थिति संभालती हैं या फिर मरीज को जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। आज तक कोई विशेषज्ञ डाॅक्टर सीएचसी में आया ही नहीं है। समाजसेवी संजीव शर्मा ने बताया कि वह कई बार पूर्व मंत्री एवं विधायक सुभाष सुधा से इस मुद्दे पर मिल चुके हैं। अस्पताल में चिकित्सकों की कमी है पर अब तक किसी की नियुक्ति नहीं हो सकी है।
गांव की निवासी सुदेश ने बताया कि सरकार 24 घंटे चिकित्सा सुविधा का वादा करती है लेकिन शाम के बाद कोई महिला चिकित्सक नहीं मिलती। ऐसे में गंभीर मामलों में मरीजों को जिला अस्पताल भेज दिया जाता है।
समाजसेवी रामपाल ने कहा कि सेंटर पर एक्सरे मशीन जरूर है पर विशेषज्ञ डॉक्टर की गैरमौजूदगी से इलाज नहीं हो पाता। बारना समेत दर्जनों गांवों के मरीज यहां पहुंचते हैं, मगर इलाज के लिए निजी अस्पतालों की शरण लेनी पड़ती है।
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डॉक्टरों के सात पद, तीन रिक्त
बारना सीएचसी में सात चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं, जिनमें से दो खाली हैं और एक डॉक्टर डिपुटेशन पर चंडीगढ़ में सेवाएं दे रहा है। बचे हुए चार चिकित्सक सामान्य चिकित्सा अधिकारी हैं। नियमानुसार यहां फिजिशियन और ऑर्थोपेडिक सर्जन की ओपीडी जरूरी मानी जाती है, लेकिन आज तक किसी विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हो सकी।
सहूलियत के लिए सरकार भर्ती करें चिकित्सक
सीएचसी में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। मरीजों की सुविधा के लिए जल्द ही स्वास्थ्य विभाग को पत्र भेजा जाएगा।
रेनू शर्मा ग्राम सरपंच
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उच्चाधिकारियों को किया गया है सूचित
हम चिकित्सकों की कमी और सुविधाओं के विस्तार को लेकर विभागीय अधिकारियों को पहले ही अवगत करा चुके हैं। प्रयास जारी हैं कि मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलें।
डॉ. अंजू, सीएचसी प्रभारी