संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में आयोजित सरस और क्राफ्ट मेले में दूसरे राज्यों से आए शिल्पकार अपनी हस्त कला से पर्यटकों का मन को मोह रहे हैं। वहीं पर्यटक भी महोत्सव में लगी स्टॉल पर जमकर खरीदारी कर रहे हैं। महोत्सव में पटियाला (पंजाब) से आए प्रदीप कुमार के हाथों से बनाए लेदर के जूते पर्यटकों की पसंद बने हुए हैं
प्रदीप कुमार ने बताया कि उनके पूर्वज लेदर के जूते हाथों से बनाने का काम करते थे। अब वे इस कारोबार को आगे बढ़ाने में सहयोग दे रहे हैं। कारोबार के माध्यम से करीब 55-60 महिलाओं को रोजगार मिला हुआ है। उन्होंने चावल के दाने के समान लेदर की सबसे छोटी जूते की जोड़ी एवं किस्तीनुमा सबसे बड़ी जूते की जोड़ी बनाई है। सबसे छोटी एवं बड़ी जूतों की जोड़ी बनाने पर भारत सरकार की ओर से उन्हें राष्ट्रीय अवार्ड भी मिल चुका है। उन्होंने बताया कि वे हर महोत्सव में लेदर के जूतों का स्टॉल लगाते हैं। उनके बनाए लेदर के जूते की कीमत 200 रुपये से लेकर 1200 रुपये तक है।