संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। पिपली-कुरुक्षेत्र मार्ग पर स्थित शहर के नए बस अड्डे पर कर्मचारियों और हजारों यात्रियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। पिछले कई वर्षों से पानी की टंकी की सफाई तक नहीं की गई। रोजाना हजारों यात्री और रोडवेज कर्मी इसी टंकी का पानी पीते हैं। अलग-अलग जगह लगे वाटर कूलर तक भी यही पानी पहुंच जा रहा है। ऐसे में पेयजल की आड़ लोग बीमारियां पी रहे हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि बड़ी टंकी के अंदर गड़बड़ है। सफाई न होने के अलावा पानी भी जल्दी खत्म हो जाता है और दो से तीन घंटे के इंतजार के बाद आता है। पाइप टूटने या लीकेज की समस्या की संभावना है। दिन में तीन से चार बार मोटर चलानी पड़ती है, तब जाकर टंकी में कुछ घंटे पानी टिक पाता है। हालांकि गर्मी के सीजन से पहले ही टंकी की सफाई कराई जानी थी लेकिन अभी तक भी अधिकारियों ने स्वच्छ जल उपलब्ध कराने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
18 साल पहले कर्मियों को भी नहीं पता कब हुई थी सफाई
एक लाख लीटर की क्षमता की बताई जाने वाली यह टंकी अड्डे की वर्कशॉप में है। स्थिति इतनी पेचीदा है कि वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों को भी अंदाजा नहीं कि आखिरी बार इसकी सफाई कब हुई थी। कुछ ने कहा कि पांच साल से यहां मौजूद हैं तो कई बोले साल 2008 में कुरुक्षेत्र डिपो में ड्यूटी ज्वॉइनिंग के बाद से अब तक भी टंकी की सफाई नहीं हुई।
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पथरी, इंफेक्शन के डर से कर्मी घर से लाने लगे स्वच्छ पानी
विषाक्त जीवों और शोरा अधिक मात्रा में आने के कारण कई कर्मचारियों ने टंकी के पानी को पीना छोड़ अपने घर से ही स्वच्छ पानी लाना शुरू कर दिया है। उन्होंने अशुद्ध पानी से पथरी ही नहीं, पेट के इंफेक्शन का भी खतरा बताया। उन्होंने इस मामले को महाप्रबंधक के समक्ष भी उठाया। बावजूद इसके टंकी की सफाई नहीं हुई। कर्मियों की मांग है कि जल्द पानी की टंकी की सफाई की जाए।
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20 साल से सफाई नहीं, शीघ्र हो टंकी की सफाई : पांचाल
ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के कुरुक्षेत्र डिपो प्रधान नरेंद्र पांचाल ने कहा कि बड़ी टंकी की सफाई लंबे समय से नहीं की गई। लगभग 20 वर्ष हो चुके हैं डिपो में सेवा करते हुए लेकिन टंकी साफ करते किसी को नहीं देखा। काफी अंतराल से कर्मचारी और यात्री यही पानी पी रहे हैं। लोगों को बीमार होने से बचाने के लिए शीघ्र टंकी की सफाई कराई जानी चाहिए।
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छह माह पहले संभाला चार्ज, सफाई की जानकारी नहीं : योगेश
नए बस अड्डे पर कार्यरत बिल्डिंग क्लर्क योगेश ने कहा कि उन्होंने छह महीने पहले ही डिपो में ड्यूटी ज्वॉइन की है। टंकी की सफाई के बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता कि आखिर कब हुई होगी। रिकॉर्ड में देखना पड़ेगा कि किस अधिकारी के समय में किस व्यक्ति ने और कौन-से वर्ष में सफाई कराई थी। इमारतों पर रखी अन्य टंकियों की देखरेख समय-समय पर की जाती है।
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एक साल पहले आए, जिम्मेदारों से पूछकर बताएंगे : अश्वनी
कुरुक्षेत्र डिपो महाप्रबंधक शेर सिंह ने इस मामले में चुप्पी साध ली है। वहीं वर्कशॉप मैनेजर अश्वनी भी अनभिज्ञ दिखे। उन्होंने कहा कि वे एक साल पहले ही ट्रांसफर होकर यहां आए हैं। इससे पहले हो सकता है बड़ी टंकी की सफाई हुई हो। जिम्मेदार लोगों से पूछकर ही बताया जा सकता है कि कब सफाई हुई। बिल्डिंग क्लर्क से जानकारी ली जाएगी, उसके बाद बताएंगे।