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Kurukshetra News: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के पार्ट टाइम शिक्षक बेसिक वेतन की कर रहे मांग

Sat, 20 Sep 2025 01:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
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कुरुक्षेत्र। कुवि का श्रीकृष्ण द्वार।
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में कार्यरत पार्ट टाइम शिक्षक अपने वेतन संबंधी मुद्दों के लिए आवाज उठा रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि दो वर्ष पूर्व उनका मानदेय बढ़ाकर 34 हजार रुपये (750 रुपये प्रति लेक्चर) किया गया था लेकिन इसे अब तक बेसिक वेतन में परिवर्तित नहीं किया गया है।
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पार्ट टाइम शिक्षकों ने कहा कि यूजीसी के दिशा-निर्देश स्पष्ट रूप से बताते हैं कि उच्च शिक्षा संस्थानों में नियुक्त सभी शिक्षकों को समान वेतन संरचना और सम्मानजनक मानदेय मिलना चाहिए लेकिन हरियाणा के अन्य प्रमुख विश्वविद्यालयों में 57 हजार 700 रुपये बेसिक वेतन दिया जा रहा है। वहीं कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में अब तक इस पर अमल नहीं हुआ है।

पार्ट टाइम शिक्षकों ने बताया कि विश्वविद्यालय की उपलब्धियों में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा है। एनएएसी ग्रेडिंग, एनआईआरएफ रैंकिंग और रिसर्च प्रकाशनों में उल्लेखनीय सुधार में उनकी अहम भूमिका रही है। रिसर्च पेपर्स, प्रोजेक्ट और विद्यार्थियों के अकादमिक मार्गदर्शन में सक्रिय भागीदारी ने विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा को बढ़ाया है। इसके बावजूद उन्हें आज भी सम्मानजनक बेसिक वेतन नहीं मिल रहा है।
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शिक्षकों का कहना है कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के पार्ट टाइम शिक्षक बेसिक वेतन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस विषय के लिए ज्ञापन पहले ही रजिस्ट्रार कार्यालय और कुटा प्रधान को सौंपा जा चुका है। विवि प्रशासन का कहना है कि मामला संज्ञान में है। इस पर विचार किया जा रहा है।
25 सितंबर को एग्जीक्यूटिव काउंसिल बैठक में उठेगा मुद्दा
अब शिक्षकों की निगाहें आगामी 25 सितंबर को होने वाली एग्जीक्यूटिव काउंसिल बैठक पर टिकी हुई हैं। उन्हें उम्मीद है कि प्रशासन इस मुद्दे को गंभीरता से उठाएगा और सभी पार्ट टाइम शिक्षकों को भी बेसिक वेतन प्रदान कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगा। इसके लिए पार्ट टाइम शिक्षक एसोसिएशन के सदस्यों ने कुटा प्रधान और कुलसचिव से मुलाकात कर ज्ञापन भी सौंपा है। शिक्षकों ने मांग की है कि विश्वविद्यालय प्रशासन से विनम्र निवेदन किया है कि उनके योगदान और यूजीसी दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए इस निर्णय को शीघ्र लागू किया जाए। उनका कहना है कि सम्मानजनक वेतन मिलने से न केवल उनका मनोबल बढ़ेगा बल्कि वे और अधिक समर्पण के साथ विवि के विकास में योगदान दे पाएंगे।

कुरुक्षेत्र। कुवि का श्रीकृष्ण द्वार।

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