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महारथी अर्जुन ने जहां लिया कर्म का संदेश, वहां पहुंचे आज के अर्जुन

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ये संयोग ही था कि केंद्रीय राज्य मंत्री एवं ससदीय कार्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल धर्मक्षेत्र के जिन चार स्थलों पर पहुंचे,उनका सीधा संबंध महाभारत के अर्जुन से रहा। यह चारों जगह शक्ति, धर्म, कर्म, गौरवमयी संस्कृति के प्रतीक चिह्न है। वे बुधवार को कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में आयोजित दक्षिण एशियाई युवा सांस्कृतिक महोत्सव में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करने पहुंचे थे। यहां उन्होंने छह देशों के कला संस्कृति के साधकों को संदेश दिया, इसके पश्चात वे सीधा उस स्थल पर पहुंचे जहां भगवान श्रीकृष्ण ने महाभारत युद्ध से पहले मोहग्रस्त हुए अर्जुन को कर्म का संदेश दिया था। इस दौर के अर्जुन ने गीता जन्मस्थली और यहां भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे प्रोजेक्ट के बारे में भी बारीकी से जानकारी।
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बता दें कि अर्जुन राम मेघवाल संसदीय कार्यमंत्री होने के नाते उस कोर कमेटी के भी मेंबर हैं, जो भारत सरकार द्वारा बनाई जाने वाली योजनाएं पर काम करती है। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में अर्जुनराम मेघवाल के केंद्रीय राज्य वित्त मंत्री रहते हुए ही कुरुक्षेत्र के लिये कृष्णा सर्किट प्रोजेक्ट के तहत 100 करोड़ रुपये विकास और अन्य योजनाओं के लिये मंजूर
हुए थे। लिहाजा वे इस प्रोजेक्ट से पहले से जुड़े हैं। हालांकि कुछ योजनाओं में ठंडे बस्ते में होने पर उन्होंने निराशा भी जताई। ज्योतिसर तीर्थ के बाद उन्होंने सृष्टि में विराजमान 52 शक्तिपीठों में से एक हरियाणा के एकमात्र उस शक्तिपीठ में भी पूजा अर्चना की,जहां भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन के साथ पांडवों ने महाभारत से पहले मां भद्रकाली की आराधना कर विजयश्री की कामना की थी। इस स्थल पर मां भद्रकाली
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शक्तिपीठ के पीठाध्यक्ष पंडित सतपाल शर्मा ने मेघवाल को मंदिर के इतिहास के बारे में बताया और पूजा अर्चना कराने के बाद उन्हें और केयू के
वीसी डा.केसी शर्मा को स्मृति चिह्न भेंट किये। शक्तिपीठ में मन्नत मांगने से पहले मेघवाल ने नारियल बलि के बाद जमीन पर लेटकर मां शक्ति को प्रणाम किया। शक्तिपीठ से अर्जुन मेघवाल कुरुक्षेत्र स्थित एशिया के सबसे बड़े धार्मिक तालाब ब्रह्मसरोवर पर पहुंचे और आरती में भाग लिया। संसदीय कार्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कुरुक्षेत्र को भारतीय संस्कृति दिव्य स्थल बताया। उन्होंने बताया कि भारत सरकार धर्मनगरी कुरुक्षेत्र को विश्वमान चित्र पर लाने के लिये कृष्णा सर्किट जैसी योजनाओं से विकास कार्य कर रही है।
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तब मेघवाल ने जारी किये थे कुरुक्षेत्र के लिये 100 करोड़
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले कार्यकाल में भारत सरकार के वित्त राज्य मंत्री होते हुए मेघवाल ने कुरुक्षेत्र लिये कृष्णा सर्किट योजना के तहत करीब 100 करोड़ रुपये का अनुदान जारी किया था, जबकि दिसंबर में आयोजित 18 दिवसीय अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2019 में केंद्रीय पर्यटन मंत्री प्रह्लाद पटेल कृष्णा सर्किट योजना के तहत 100 करोड़ रुपये का और अनुदान कुरुक्षेत्र के लिये घोषित कर चुके हैं।
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