कुरुक्षेत्र। माहभारत अनुभव केंद्र परिसर में पंचजन्य समारक पर स्थापित किया गया शंख। संवाद
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कुरुक्षेत्र। महाभारत अनुभव केंद्र परिसर में स्थापित पंचजन्य शंख भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य पंचजन्य शंख से प्रेरित हैं। यह विराट शंख अष्ट धातु से बने होने के साथ-साथ अपनी भव्यता और तकनीकी उत्कृष्टता के लिए चर्चित हा रहा है। लगभग 6.2 टन वजनी व चार से पांच मीटर ऊंचा है। यह शंख उच्च गुणवत्ता वाली अष्ट धातु व मजबूत आंतरिक संरचना से निर्मित है। इसको आकार प्रख्यात मूर्तिकार नरेश कुमार कुमावत ने दिया है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से इस शंख स्मारक का उद्घाटन करने से उत्साहित हैं।
शंख के चारों ओर का आभामंडल रात के समय तेज एलईडी के प्रकाश से जगमगाता है, जिसका डिजाइन विशेष रूप से तैयार किया गया है। इससे पंचजन्य शंख की दिव्यता और गरिमा और अधिक निखर कर सामने आती है। यह रचना भारतीय संस्कृति, आधुनिक तकनीक और आध्यात्मिकता के अनुपम संगम का प्रतीक बन गई है।
मूर्तिकार नरेश कुमार कुमावत ने बताया कि परियोजना अत्यंत समयबद्ध और चुनौतीपूर्ण रही। डिजाइनिंग से लेकर कास्टिंग, असेंबलिंग, फिनिशिंग, परिवहन और अंतिम स्थापना तक हर चरण में सूक्ष्म अनुशासन का पालन किया गया। उन्होंने बताया कि पंचजन्य भगवान श्रीकृष्ण के शंख का ही नाम है।
कुरुक्षेत्र। माहभारत अनुभव केंद्र परिसर में पंचजन्य समारक पर स्थापित किया गया शंख। संवाद- फोटो : 1